भारतीय जनता पार्टी ने झारखंड में संगठन की कमान अब मध्य प्रदेश के आदिवासी क्षेत्र से आने वाले सांसद गजेंद्र सिंह पटेल को सौंपी है. भाजपा ने बुधवार, 23 सितंबर को संगठनात्मक नियुक्तियों की सूची जारी करते हुए खरगोन-बड़वानी से सांसद पटेल को झारखंड का प्रदेश प्रभारी बनाया है.
उनके साथ सौरभ सिंह और निवेदिता सिंह को सह प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है. पटेल ऐसे समय में झारखंड के प्रभारी बनाए गए हैं, जब वे राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी संभालने के करीब एक महीने बाद नई भूमिका में आए हैं. आखिर कौन हैं गजेंद्र सिंह पटेल और भाजपा ने उन्हें झारखंड की जिम्मेदारी क्यों दी है?
गजेंद्र सिंह पटेल मध्य प्रदेश की अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित खरगोन-बड़वानी लोकसभा सीट से लगातार दूसरी बार सांसद हैं. साल 2019 में पहली बार लोकसभा पहुंचे और 2024 में दोबारा निर्वाचित हुए. उनका जन्म 16 फरवरी 1975 को बड़वानी में हुआ था. उन्होंने बड़वानी के सरकारी कॉलेज और इंदौर के क्रिश्चियन कॉलेज से बीए और एलएलबी की पढ़ाई की है.
पटेल के पिता उमराव सिंह पटेल बड़वानी से विधायक और मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री रह चुके हैं. गजेंद्र पटेल का राजनीतिक जुड़ाव छात्र जीवन से रहा है. उन्होंने 1990 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता के तौर पर संगठनात्मक काम शुरू करने की जानकारी दी है. इसके बाद युवा मोर्चा, वनवासी कल्याण परिषद और भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा में भी काम किया.
आदिवासी मोर्चे से राष्ट्रीय संगठन तक पहुंचे
पटेल की राजनीतिक पहचान आदिवासी क्षेत्र से आने वाले भाजपा नेता और संगठनकर्ता के रूप में रही है. वे भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा में प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. अगस्त 2026 में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की नई टीम में उन्हें राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया था.
अब राष्ट्रीय महामंत्री बनने के करीब एक महीने बाद उन्हें झारखंड का प्रदेश प्रभारी बनाया गया है. झारखंड भी आदिवासी बहुल राज्य है, इसलिए पटेल की संगठनात्मक पृष्ठभूमि इस नियुक्ति का एक उल्लेखनीय पहलू है. हालांकि भाजपा ने नियुक्ति की कोई विस्तृत वजह सार्वजनिक नहीं की है.

वर्तमान लोकसभा में पटेल सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता संबंधी समिति के सदस्य हैं. वे पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य मंत्रालय की सलाहकार समिति से भी जुड़े रहे हैं. उपलब्ध संसदीय आंकड़ों के मुताबिक उनकी सदन में उपस्थिति 96 प्रतिशत दर्ज की गई है और उन्होंने 76 सवाल पूछे तथा 12 बहसों में हिस्सा लिया है.
कई राज्यों में बदले प्रभारी
भाजपा ने झारखंड के अलावा कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रभारियों में भी बदलाव किया है. नियुक्तियों की सूची में अंडमान एवं निकोबार, अरुणाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल समेत कई प्रदेश शामिल हैं.
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