Close Menu
Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Johar LIVEJohar LIVE
    • होम
    • जेपीएससी / जेएसएससी
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    • होम
    • जेपीएससी / जेएसएससी
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Home»जोहार ब्रेकिंग»मेघालय: गठबंधन की ही पार्टी को तोड़ दिया और बन गई दूसरी सबसे बड़ी पार्टी
    जोहार ब्रेकिंग

    मेघालय: गठबंधन की ही पार्टी को तोड़ दिया और बन गई दूसरी सबसे बड़ी पार्टी

    Kanika RanaBy Kanika RanaSeptember 23, 2026No Comments3 Mins Read2
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link

    मेघालय में सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर ही सत्ता का समीकरण बदल गया है. यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (UDP) के आठ विधायकों के भाजपा में शामिल होने के बाद 60 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा की संख्या दो से बढ़कर 10 हो गई है. इस तरह भाजपा अब मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा की नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) के 33 विधायकों के बाद सदन की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई है. खास बात यह है कि भाजपा ने यह बढ़त विपक्षी दलों को तोड़कर नहीं, बल्कि NPP की सहयोगी UDP के विधायकों के पाला बदलने से हासिल की है. बुधवार को दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की मौजूदगी में आठों विधायकों ने भाजपा की सदस्यता ली.

    गठबंधन में सहयोगी थी यूडीपी, अब उसके भीतर से ही भाजपा हुई मजबूत

    गौर करने वाली बात यह है कि भाजपा मेघालय में पहले सत्ताधारी गठबंधन का हिस्सा तो थी, लेकिन 60 सदस्यीय विधानसभा में उसके पास सिर्फ दो विधायक थे और राज्य की सियासत में उसकी पकड़ लगभग न के बराबर थी. यूडीपी उसी गठबंधन में एनपीपी की सहयोगी पार्टी के तौर पर शामिल थी. अब जब यूडीपी के ही आठ विधायक टूटकर भाजपा में चले गए हैं, तो भाजपा की ताकत सीधे दस पर पहुंच गई है. यानी भाजपा ने विपक्ष से नहीं, बल्कि गठबंधन के भीतर अपनी ही सहयोगी पार्टी को कमजोर करके अपना आधार मजबूत किया है.

    भाजपा में शामिल होने वाले आठ विधायकों में शिक्षा मंत्री लाहकमेन रिम्बुई, पूर्व कैबिनेट मंत्री किरमेन शिल्ला, मावस्यनराम विधायक ओल्लान सिंह सुइन, नोंगपोह विधायक मायरालबॉर्न सिएम, सोहियोंग विधायक सिंशार कुपार रॉय लिंगदोह थाबह, शेला विधायक बालाजियेद कुपार सिनरेम, मावफ्लांग विधायक मैथ्यू बियोंडस्टार कुर्बाह और रानीकोर विधायक पियस मारवेन शामिल हैं.

    खासी भाषा से कोयला खनन तक, शर्तों पर हुई जॉइनिंग

    जॉइनिंग से पहले इन आठ विधायकों ने भाजपा नेतृत्व के साथ मेघालय से जुड़े कई मुद्दों पर बातचीत की थी. सबसे अहम मांग है खासी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की, इसके अलावा कोयला खनन से जुड़े नियमों में ढील, मेघालय रेजिडेंट्स सेफ्टी एंड सिक्योरिटी एक्ट (एमआरएसएसए) में बदलाव और थेम इयू मॉलोंग से हरिजन कॉलोनी को हटाने का मुद्दा भी बातचीत की मेज पर था. मंच पर भाजपा का कमल चिन्ह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह व जेपी नड्डा की तस्वीरें लगी थीं. रिजिजू ने कहा कि विधायकों का फैसला मोदी सरकार द्वारा पूर्वोत्तर में किए गए विकास कार्यों से प्रभावित होकर आया है, और प्रधानमंत्री मोदी विकास कार्यक्रमों के लिए 80 से अधिक बार पूर्वोत्तर का दौरा कर चुके हैं.

    2028 चुनाव से पहले एनपीपी सरकार के लिए नई चुनौती

    इस टूट के बाद यूडीपी की ताकत 12 से घटकर सिर्फ चार रह गई है, जबकि भाजपा नेशनल पीपुल्स पार्टी के 33 विधायकों के बाद सदन की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई है. यह घटनाक्रम 2028 में होने वाले मेघालय विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हुआ है. सवाल यह है कि गठबंधन के भीतर ही भाजपा के इतना मजबूत हो जाने के बाद कॉनराड संगमा की एनपीपी सरकार आगे की सियासत कैसे संभालेगी, और यूडीपी अपनी बची हुई ताकत के साथ गठबंधन में अपनी जगह कैसे बचाएगी.

    Also Read:CEC ने ईसीआई को बनाया ‘रबर स्टैंप’ या खुद कर लिया हाइजैक? चुनाव आयोग के अंदरूनी कलह पर कांग्रेस का बड़ा हमला

    #IndiaNews Alliance Bjp conradsangma Meghalaya Mla newshindi newsupdate npp Party Politics udp Win
    Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on Instagram Follow on YouTube Follow on WhatsApp Follow on Telegram
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Previous ArticleCEC ने ईसीआई को बनाया ‘रबर स्टैंप’ या खुद कर लिया हाइजैक? चुनाव आयोग के अंदरूनी कलह पर कांग्रेस का बड़ा हमला
    Next Article MMDR कानून पर आर-पार : 26 सितंबर को राजभवन में कांग्रेस का धरना, इरफान बोले- झारखंड के हक की हर कीमत पर होगी रक्षा

    Related Posts

    जोहार ब्रेकिंग

    चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठे सवाल, विनोद पांडेय बोले- ‘वन-मैन शो’ बना आयोग

    September 23, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    TMC बागी सांसदों की अयोग्यता पर सुप्रीम कोर्ट सख्त : स्पीकर के पास 3 महीने से लंबित मामले को बताया ‘रेड फ्लैग’

    September 23, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    मुख्य चुनाव आयुक्त नियुक्ति मामला : सुप्रीम कोर्ट में जजों की अलग-अलग राय, अब संविधान पीठ करेगी अंतिम फैसला

    September 23, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    झारखंड : कौन हैं गजेंद्र सिंह पटेल, जिन्हें भाजपा ने बनाया प्रभारी?

    September 23, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    MMDR कानून पर आर-पार : 26 सितंबर को राजभवन में कांग्रेस का धरना, इरफान बोले- झारखंड के हक की हर कीमत पर होगी रक्षा

    September 23, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    CEC ने ईसीआई को बनाया ‘रबर स्टैंप’ या खुद कर लिया हाइजैक? चुनाव आयोग के अंदरूनी कलह पर कांग्रेस का बड़ा हमला

    September 23, 2026
    Latest Posts

    चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठे सवाल, विनोद पांडेय बोले- ‘वन-मैन शो’ बना आयोग

    September 23, 2026

    TMC बागी सांसदों की अयोग्यता पर सुप्रीम कोर्ट सख्त : स्पीकर के पास 3 महीने से लंबित मामले को बताया ‘रेड फ्लैग’

    September 23, 2026

    मुख्य चुनाव आयुक्त नियुक्ति मामला : सुप्रीम कोर्ट में जजों की अलग-अलग राय, अब संविधान पीठ करेगी अंतिम फैसला

    September 23, 2026

    झारखंड : कौन हैं गजेंद्र सिंह पटेल, जिन्हें भाजपा ने बनाया प्रभारी?

    September 23, 2026

    MMDR कानून पर आर-पार : 26 सितंबर को राजभवन में कांग्रेस का धरना, इरफान बोले- झारखंड के हक की हर कीमत पर होगी रक्षा

    September 23, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    © 2026 Johar LIVE. | About Us | AdSense Policy | Privacy Policy | Terms and Conditions | Contact Us.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.