Bokaro : जल जीवन मिशन के अंतर्गत जिले में संचालित जल सेवा मूल्यांकन के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर उपायुक्त अजय नाथ झा ने मंगलवार को समीक्षा बैठक की। गोपनीय स्थित कार्यालय कक्ष से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में कार्यपालक अभियंता राम प्रवेश राम, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सिंह, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता, यूनिसेफ टीम के प्रतिनिधि, दोनों प्रमंडलों के ब्लॉक वॉश कोऑर्डिनेटर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं, ऑनलाइन माध्यम से उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार, जिला पंचायती राज पदाधिकारी मो. सफीक आलम, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रवि कुमार, सभी संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी और अन्य अधिकारी शामिल हुए।
पीपीटी के माध्यम से दी गई विस्तृत जानकारी
कार्यपालक अभियंता ने पीपीटी के जरिए जल सेवा मूल्यांकन की प्रक्रिया, उद्देश्य और अपेक्षित परिणामों की विस्तार से जानकारी दी। बैठक में मूल्यांकन के दौरान आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान पर भी चर्चा की गई।

समस्या क्षेत्रों की पहचान पर जोर
DC अजय नाथ झा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में कम से कम एक पंचायत की ग्राम सभा में अनिवार्य रूप से भाग लें, ताकि जल आपूर्ति, गुणवत्ता और सेवा स्तर से जुड़ी समस्याओं की पहचान कर ठोस सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य केवल नल कनेक्शन देना नहीं, बल्कि सतत और गुणवत्तापूर्ण जल सेवा सुनिश्चित करना है।
अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी जरूरी
DC ने यह भी निर्देश दिया कि जिले के अन्य अधिकारी भी विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से जल जीवन मिशन से जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लें, ताकि मिशन के लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से हासिल किया जा सके।
27 पंचायतों के 35 गांवों में होगा सर्वेक्षण
बैठक में बताया गया कि बोकारो जिले में दिसंबर 2024 तक रिपोर्ट की गई 27 पंचायतों के कुल 35 गांवों में जल सेवा मूल्यांकन किया जाएगा। इसके लिए सर्वेक्षण की तिथि 15 जनवरी 2026 से निर्धारित की गई है। DC ने सर्वेक्षण कार्य को गंभीरता और पारदर्शिता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए।
ई-ग्राम स्वराज पोर्टल से होगी रिपोर्टिंग
DC ने पंचायत सचिवों को निर्देश दिया कि सर्वेक्षण से संबंधित सभी रिपोर्टिंग ई-ग्राम स्वराज पोर्टल के माध्यम से समय पर सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पोर्टल पर उपलब्ध रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की योजना और सुधारात्मक कार्रवाई तय की जाएगी।
Also Read : Blinkit ने हटा दिया “10 मिनट में डिलीवरी” का दावा, वर्कर्स की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम


