Kolkata: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के प्रचार के आखिरी दौर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य की सुरक्षा और जनसांख्यिकी के मुद्दे पर तीखा हमला बोला है।एक जनसभा को सं बोधित करते हुए शाह ने साफ तौर पर कहा कि यह चुनाव महज मुख्यमंत्री या विधायक चुनने का नहीं, बल्कि पूरे बंगाल को घुसपैठियों से मुक्त कराने का एक बड़ा संकल्प है। उन्होंने मतदाताओं से सीधा संवाद करते हुए वादा किया कि अगर जनता 23 अप्रैल को कमल के निशान पर मोहर लगाकर भाजपा की सरकार बनाती है, तो वे बंगाल से एक-एक घुसपैठिए को चुन-चुनकर बाहर निकालने का काम करेंगे।
शाह का यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य में पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को होने जा रहा है, जिससे चुनावी सरगर्मियां अपने चरम पर हैं। अपनी रैलियों में गृह मंत्री लगातार टीएमसी सरकार पर वोट बैंक की राजनीति के लिए घुसपैठियों को पनाह देने का आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भाजपा सत्ता में आते ही पूर्वी सीमाओं को अभेद्य बनाएगी, ताकि भविष्य में घुसपैठ नामुमकिन हो जाए।
उनके इस रुख ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है, जहां एक ओर भाजपा समर्थक इसे राज्य की सुरक्षा और विकास के लिए जरूरी कदम मान रहे हैं, वहीं तृणमूल कांग्रेस ने इसे विभाजनकारी बताते हुए विरोध जताया है। बहरहाल, 23 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के मतदान से पहले शाह के इस ‘घुसपैठिए मुक्त बंगाल’ के वादे ने चुनाव को एक नई दिशा दे दी है, और अब सबकी निगाहें 4 मई को होने वाली मतगणना के नतीजों पर टिकी हैं।
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