Deoghar : बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक बाबा बैद्यनाथ धाम में त्यौहार का असर अभी से ही दिख रहा है। देवघर में महाशिवरात्रि के अवसर पर बाबा की नगरी में इस बार भी भव्य शिव बारात निकालने की तैयारियां जोरों पर हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी शिव बारात पौराणिक परंपराओं, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक संदेशों का अनूठा संगम प्रस्तुत करेगी।
मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह संपन्न होता है। इस दौरान होने वाली सिंदूरदान की परंपरा देवघर की शिव बारात की विशेष पहचान है, जिसने इसे देशभर में विशिष्ट स्थान दिलाया है।
झांकियों में दिखेगा पौराणिक वैभव
शिव बारात में इस बार भी विभिन्न आकर्षक झांकियां शामिल होंगी, जिनमें भूत-प्रेत, साधु-संत, देवी-देवता और अन्य पौराणिक पात्रों को जीवंत रूप में दर्शाया जाएगा। झांकियों के निर्माण का कार्य महाशिवरात्रि से लगभग एक माह पूर्व ही शुरू कर दिया गया है। इसमें स्थानीय कलाकारों, कारीगरों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है।
‘साइबर दैत्य’ झांकी होगी विशेष आकर्षण
इस वर्ष शिव बारात का मुख्य आकर्षण ‘साइबर दैत्य’ की झांकी होगी। इसके माध्यम से बढ़ते साइबर अपराधों और डिजिटल ठगी के प्रति लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। धार्मिक और सांस्कृतिक मंच के जरिए एक गंभीर सामाजिक समस्या को जन-जन तक पहुंचाने की यह अनोखी पहल की जा रही है, ताकि लोग साइबर अपराधों से सतर्क रह सकें।
पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना
महाशिवरात्रि के अवसर पर देवघर में देश-विदेश से श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। अनुमान है कि इस बार पांच लाख से अधिक श्रद्धालु शिव बारात में शामिल होंगे। भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। बारात मार्ग पर बैरिकेडिंग, पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती और निगरानी की व्यवस्था की गई है, ताकि आयोजन शांतिपूर्ण और सुरक्षित रूप से संपन्न हो सके।
आस्था, संस्कृति और सामाजिक संदेश का संगम
देवघर की शिव बारात अब केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं रह गई है, बल्कि यह आस्था, संस्कृति और सामाजिक चेतना का एक सशक्त मंच बन चुकी है। यही कारण है कि यह आयोजन हर साल लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है।
Also Read : पर्व-त्योहार के लिए गयाजी से दिल्ली, गुरुग्राम और अंबाला के लिए विशेष बस सेवा

