Johar Live : भारत की राजनीति में एक बड़ा पड़ाव रविवार को देखने को मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8931 दिन पूरे कर लिए और इसी के साथ वह देश में किसी निर्वाचित सरकार के प्रमुख के रूप में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले नेता बन गए। उन्होंने सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग का 8,930 दिनों का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। यह आंकड़ा सिर्फ प्रधानमंत्री के तौर पर नहीं, बल्कि गुजरात के मुख्यमंत्री और भारत के प्रधानमंत्री के रूप में उनके कुल कार्यकाल को जोड़कर सामने आया है।
25वें साल में कदम, लगातार बना हुआ प्रभाव
नरेंद्र मोदी अब अपने नेतृत्व के 25वें साल में प्रवेश कर चुके हैं। इतने लंबे समय तक सत्ता में बने रहना अपने आप में बड़ी बात मानी जाती है। यह दिखाता है कि उन्हें लगातार जनता का समर्थन मिला और राजनीतिक पकड़ मजबूत बनी रही। गुजरात में मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने लंबा कार्यकाल पूरा किया और उसी अनुभव के साथ देश की राजनीति में भी अपनी जगह बनाई।
चुनाव दर चुनाव जीत का सिलसिला
मोदी का राजनीतिक सफर चुनावी जीतों से भी भरा रहा है। उन्होंने 2014 में पहली बार प्रधानमंत्री बनकर केंद्र की सत्ता संभाली। इसके बाद 2019 और 2024 में लगातार जीत दर्ज कर तीसरी बार सरकार बनाई। एक और खास बात यह है कि वह आजाद भारत में जन्मे पहले प्रधानमंत्री हैं। साथ ही वह पहले गैर-कांग्रेसी नेता हैं जिन्होंने लगातार तीन बार केंद्र में सरकार बनाई।
शुरुआत से अब तक का सफर
- 7 अक्टूबर 2001 को पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री बने
- 2001 से 2014 तक 13 साल से ज्यादा समय तक राज्य का नेतृत्व किया
- 26 मई 2014 को देश के प्रधानमंत्री बने
इस लंबे सफर में उन्होंने राज्य से लेकर केंद्र तक अपनी पकड़ मजबूत की।
सोशल मीडिया पर भी जबरदस्त पकड़
सिर्फ राजनीति ही नहीं, डिजिटल दुनिया में भी मोदी की अच्छी खासी मौजूदगी है। उनका यूट्यूब चैनल हाल ही में 3 करोड़ सब्सक्राइबर्स पार कर चुका है। फरवरी 2026 में वह इंस्टाग्राम पर 10 करोड़ फॉलोअर्स पाने वाले दुनिया के पहले सक्रिय नेता बने। अभी उनके इंस्टाग्राम पर करीब 10.1 करोड़ और एक्स प्लेटफॉर्म पर 10.64 करोड़ फॉलोअर्स हैं। यह दिखाता है कि युवा वर्ग में उनकी पहुंच लगातार बनी हुई है।
क्या कहता है यह रिकॉर्ड
8,931 दिनों का यह आंकड़ा सिर्फ एक रिकॉर्ड नहीं है। यह उस भरोसे की कहानी भी है जो जनता ने लगातार एक ही नेता पर जताया है। पवन चामलिंग का रिकॉर्ड तोड़ना इस बात का संकेत भी माना जा रहा है कि क्षेत्रीय राजनीति से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर लंबे समय तक टिके रहना आसान नहीं होता, लेकिन मोदी इसमें सफल रहे हैं।


