झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है. जोहार लाइव की ओर से एल ख्यांगते की भूमिका को लेकर किए गए खुलासों के बीच अब CID ने JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल ख्यांगते को गिरफ्तार कर लिया है.
ख्यांगते से CID पहले ही कई दौर की पूछताछ कर चुकी थी. 28 जुलाई से शुरू हुई पूछताछ के दौरान जांच एजेंसी ने परीक्षा संचालन, आउटसोर्स एजेंसी के चयन, परीक्षा प्रक्रिया और आयोग के स्तर पर लिए गए फैसलों को लेकर उनसे सवाल किए थे. सार्वजनिक रिपोर्टों के मुताबिक, उनसे अब तक चार दौर की पूछताछ हो चुकी थी.
इससे पहले CID ने ख्यांगते के कांके रोड स्थित सरकारी आवास और JPSC कार्यालय में भी छापेमारी की थी. जांच के दौरान परीक्षा से जुड़े दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की पड़ताल की गई थी.
JPSC परीक्षा गड़बड़ी मामले में CID की कार्रवाई लगातार आगे बढ़ रही है. ताजा रिपोर्टों के अनुसार, इस मामले में अब तक 19 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. जांच एजेंसी परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी, आयोग के अधिकारियों और अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच कर रही है.
ज्ञात हो, रविवार को JPSC के तीन और सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया था. राज्यपाल ने अजीता भट्टाचार्य, अनीमा हांसदा और जमाल अहमद के इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं. इन सदस्यों को भी CID ने कथित परीक्षा अनियमितताओं के सिलसिले में पूछताछ के लिए समन किया था.

JPSC विवाद के बीच अब प्रवर्तन निदेशालय यानी ED की भी एंट्री हो गई है. ED ने CID की FIR के आधार पर ECIR दर्ज कर जांच शुरू की है. एजेंसी का फोकस कथित गड़बड़ी में हुए आर्थिक लेन-देन और मनी ट्रेल पर रहेगा. वहीं, JPSC-JSSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन भी सोमवार को निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है. छात्र विधानसभा घेराव के लिए सड़कों पर उतर चुके हैं और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच समेत कई मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बना रहे हैं.
एल ख्यांगते की गिरफ्तारी को JPSC परीक्षा विवाद में CID की अब तक की बड़ी कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है. अब जांच का अगला चरण यह तय करेगा कि ख्यांगते की भूमिका को लेकर एजेंसी के पास क्या साक्ष्य हैं और इस मामले में आगे किन लोगों पर कार्रवाई होती है.
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