झारखंड विधानसभा घेराव के दौरान जोहार लाइव से बात करते हुए झारखंड महानगर कांग्रेस के अध्यक्ष कुमार राजा ने कहा कि सरकार और छात्रों के बीच दो दौर की बातचीत के बावजूद सहमति नहीं बन पाई है. उन्होंने कहा कि बातचीत को लेकर वह अभी भी सकारात्मक हैं. सरकार ने छात्रों की लगभग सभी मांगों और शर्तों को मान लिया था, लेकिन दो अहम मुद्दों पर बात अटक गई.
कुमार राजा के मुताबिक पहला मुद्दा CGL परीक्षा को रद्द करने का था. उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद CGL परीक्षा को बहाल कर नियुक्तियां दी गई हैं. वहीं दूसरा बड़ा मुद्दा CBI जांच का रहा. सरकार की ओर से कहा गया कि पहली और दूसरी JPSC परीक्षा पहले से ही CBI के दायरे में है, लेकिन छात्रों की मांग थी कि पूरे मामले की जांच 90 दिनों की समयसीमा में कराई जाए, ताकि दोषियों को सामने लाया जा सके और दूध
का दूध, पानी का पानी हो सके.
कांग्रेस उनके साथ खड़ी, छात्र लोकतांत्रिक तरीके से रखें अपनी बात
विधानसभा घेराव को लेकर कुमार राजा ने छात्रों के संघर्ष का समर्थन करते हुए कहा कि छात्र अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं और कांग्रेस उनके साथ खड़ी है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व का स्पष्ट स्टैंड रहा है कि जहां भी छात्र अपने भविष्य और पढ़ाई से जुड़े मुद्दों को लेकर संघर्ष करेंगे, पार्टी उनके साथ रहेगी.
हालांकि, कुमार राजा ने आंदोलन में राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर छात्रों को आगाह भी किया. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के लोग के भेड़ के भेष में कुछ लोग छात्रों के बीच घुसकर हिंसा या किसी तरह की अनहोनी की कोशिश कर सकते हैं, जिससे आंदोलन की दिशा भटक सकती है.
उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे अपने आंदोलन को पूरी तरह संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाएं. न गाली-गलौज हो, न गलत नारे लगाए जाएं और सरकार के सामने अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से रखा जाए. कुमार राजा ने कहा कि अगर बाहरी या राजनीतिक तत्वों को छात्रों के मंच का इस्तेमाल करने दिया गया, तो आंदोलन गलत दिशा में जा सकता है.
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