Ranchi : झारखंड पुलिस मुख्यालय में सोमवार को हुई अहम समीक्षा बैठक में एडीजी (मुख्यालय) सह रांची प्रक्षेत्र के आईजी मनोज कौशिक ने साफ संदेश दिया कि नशा तस्करों, भू-माफियाओं, रंगदारी वसूलने वाले अपराधियों और संगठित गैंगों के खिलाफ कार्रवाई में किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को कहा कि अपराधियों पर लगातार दबाव बनाए रखें और जनता को सुरक्षित माहौल देने के लिए पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करें। इस बैठक में रांची के एसएसपी राकेश रंजन, सिटी एसपी पारस राणा और रूरल एसपी गौरव गोस्वामी, सभी डीएसपी तथा थाना प्रभारी मौजूद रहे। बैठक में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, अनुसंधान और विशेष अभियानों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
स्कूलों और कॉलेजों के आसपास रहेगी पुलिस की खास नजर
एडीजी मनोज कौशिक ने कहा कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना पुलिस की बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों और डीएसपी को निर्देश दिया कि स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के आसपास लगातार निगरानी रखें। उन्होंने कहा कि नशा बेचने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए। केवल गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि उनके पूरे नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में काम किया जाए। पुलिस को स्थानीय स्तर पर सूचनाएं जुटाने और उसके आधार पर लगातार छापेमारी करने के निर्देश दिए गए।
10 जून से शुरू होगा बड़ा जागरूकता अभियान
बैठक में यह भी तय किया गया कि 10 जून से 25 जून तक जिले के स्कूलों और कॉलेजों में नशे के खिलाफ विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान विद्यार्थियों को बताया जाएगा कि नशा किस तरह उनके भविष्य को बर्बाद कर सकता है और इससे जुड़े कानूनी परिणाम क्या होते हैं।
भू-माफियाओं और जमीन कारोबार से जुड़े अपराधियों पर सख्ती
बैठक में भूमि संबंधी अपराधों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। एडीजी ने कहा कि गरीबों और आम लोगों की जमीन हड़पने की कोशिश करने वाले भू-माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसे मामलों की जांच तेजी से पूरी हो और जरूरत पड़ने पर राजस्व विभाग समेत अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जमीन विवाद से जुड़े अपराध अक्सर बड़े कानून-व्यवस्था के संकट का कारण बनते हैं, इसलिए इन मामलों को गंभीरता से लिया जाए।
गैंगस्टरों और रंगदारी गिरोहों पर रहेगा फोकस
एडीजी मनोज कौशिक ने संगठित अपराध और रंगदारी की घटनाओं पर भी चिंता जताई। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सक्रिय अपराधियों और आपराधिक गिरोहों की पूरी प्रोफाइल तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि केवल अपराध करने वालों को पकड़ना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके आर्थिक स्रोत, सहयोगियों और पूरे नेटवर्क को भी खत्म करना जरूरी है। पुलिस को ऐसे अपराधियों के खिलाफ लगातार और प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
हर संवेदनशील इलाके में लगे कैमरे
बैठक में सुरक्षा व्यवस्था को तकनीक से मजबूत बनाने पर भी जोर दिया गया। एडीजी ने थाना प्रभारियों को अपने क्षेत्रों में ऐसे स्थान चिन्हित करने को कहा जहां सीसीटीवी कैमरों की जरूरत है। उन्होंने पुराने कैमरों की स्थिति की समीक्षा करने और नए स्थानों पर आधुनिक कैमरे लगाने का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया। उनका कहना था कि तकनीकी निगरानी मजबूत होने से अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी में काफी मदद मिलेगी।
गुमशुदा बच्चों और एससी-एसटी मामलों पर विशेष ध्यान
बैठक में गुमशुदा बच्चों से जुड़े मामलों की भी समीक्षा हुई। एडीजी ने निर्देश दिया कि हर मामले में तय प्रक्रिया का पालन किया जाए और बच्चों की जल्द बरामदगी के लिए समन्वित प्रयास किए जाएं। इसके साथ ही एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम से जुड़े मामलों में पीड़ितों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने, गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान करने और समय पर आरोप-पत्र दाखिल करने पर भी जोर दिया गया।
बेहतर काम करने वाले अधिकारियों को मिला सम्मान
बैठक के अंत में अपराध नियंत्रण और बेहतर अनुसंधान कार्य के लिए रांची के एसएसपी राकेश रंजन और सिटी एसपी पारस राणा को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा कई अनुसंधान अधिकारियों को भी सम्मान मिला, जिन्होंने महत्वपूर्ण मामलों का सफल उद्भेदन कर अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया।
बैठक के अंत पर एडीजी मनोज कौशिक ने कहा कि पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी जनता का विश्वास जीतना है। इसके लिए हर अधिकारी को संवेदनशील, जवाबदेह और पेशेवर तरीके से काम करना होगा, तभी अपराध पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा।
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