Navi Mumbai : फेडेक्स और नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NMIA) ने आज भारत के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय व्यापार कॉरिडोर के लिए एक बड़ी पहल की। फेडेक्स ने पूरी तरह से स्वचालित एयर कार्गो हब की आधारशिला रखी। यह हब पश्चिमी भारत के लिए लॉजिस्टिक्स और व्यापार का एक सशक्त गेटवे बनेगा।
2,500 करोड़ रुपये का बड़ा निवेश
फेडेक्स द्वारा किया जा रहा यह 2,500 करोड़ रुपये का दीर्घकालिक निवेश लगभग 3,00,000 स्क्वायर फुट के हब को साकार करेगा। इसे एक क्षेत्रीय एकत्रीकरण और वितरण केंद्र के रूप में डिजाइन किया गया है और इसे अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) के साथ साझेदारी में विकसित किया जा रहा है। परिचालन शुरू होने पर यह हब लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, परिवहन और संबंधित सेवाओं में 6,000 से ज्यादा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा करेगा।

समारोह में मौजूद रहे बड़े अधिकारी
इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, राज सुब्रमण्यिम (अध्यक्ष और CEO, FedEx), रिचर्ड स्मिथ (CEO, एयरलाइन और COO, इंटरनेशनल, FedEx), कामी विश्वनाथन (अध्यक्ष, FedEx MEISA) और जीत अदाणी (निदेशक, AAHL) की गरिमामयी उपस्थिति रही। जीत अदाणी ने कहा, “यह हब NMIA के दीर्घकालिक विजन का हिस्सा है, जो भारत की व्यापारिक प्रतिस्पर्धा को मजबूत करेगा। JWNP, औद्योगिक गलियारे और मल्टीमॉडल नेटवर्क से निकटता इसे और खास बनाती है।”
वैश्विक व्यापार में भारत की प्रतिस्पर्धा मजबूत होगी
फेडेक्स की अध्यक्ष कामी विश्वनाथन ने कहा कि भारत की वैश्विक व्यापार प्रतिस्पर्धा लॉजिस्टिक्स की विश्वसनीयता और गति पर निर्भर करेगी। इस हब के जरिए भारत के तेजी से बढ़ते व्यापार गलियारे को वैश्विक नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इसका फायदा ग्राहकों को तेजी, दक्षता और भरोसेमंद डिलीवरी में मिलेगा।
हाई-टेक सुविधाओं से लैस होगा हब
यह हब स्वचालित सॉर्टिंग सिस्टम, डाइमेंशनल स्कैनिंग, हाई-स्पीड स्क्रीनिंग तकनीक और समर्पित विमान पार्किंग बे से लैस होगा। आने-जाने वाले शिपमेंट्स की प्रोसेसिंग एक साथ होगी, जिससे रूटिंग में लचीलापन और ट्रांजिट समय का सटीक अनुमान लगेगा। विशेष रूप से यह हब इलेक्ट्रॉनिक्स, इंजीनियरिंग सामान, फार्मास्यूटिकल्स और जल्दी खराब होने वाली वस्तुएं जैसी उच्च-मूल्य और समय-संवेदनशील वस्तुओं के लिए फायदेमंद होगा।
छोटे और मध्यम उद्यमों को मिलेगी मजबूती
बेहतर विश्वसनीयता और तेज प्रोसेसिंग से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों की निर्यात-आयात क्षमता मजबूत होगी। लॉजिस्टिक्स लागत में कमी और टर्नअराउंड समय में सुधार के साथ भारत का व्यापार और प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।
चरणबद्ध विस्तार से बढ़ेगी क्षमता
एनएमआईए के कार्गो इंफ्रास्ट्रक्चर की शुरुआती क्षमता 0.5 मिलियन मेट्रिक टन (MMT) होगी, जिसे धीरे-धीरे बढ़ाकर लगभग 3.25 MMT तक ले जाया जाएगा। इस विस्तार से मुंबई महानगरीय क्षेत्र को भारत के सबसे उन्नत हवाई माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स गेटवे के रूप में स्थापित किया जाएगा।
तीन दशकों का अनुभव और वैश्विक नेटवर्क
भारत में 30 साल के संचालन के अनुभव पर आधारित यह हब फेडेक्स की समर्पित उपस्थिति को बढ़ाएगा और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में एकीकृत विमानन और मल्टीमॉडल व्यापार मंच के रूप में NMIA की भूमिका को मजबूत करेगा।
Also Read : निकाय चुनाव 2026 : पलामू में 246 केंद्रों पर होगी वोटिंग, डीसी-एसपी ने लिया जायजा

