Johar Live Desk : भारतीय शेयर बाजार ने सप्ताह की शुरुआत सोमवार को धीमी गति से की। कमजोर तिमाही नतीजे और वैश्विक बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों के बीच प्रमुख सूचकांक लगभग सपाट स्तर पर रहे। बीच बीएसई सेंसेक्स 22 अंक यानी 0.02% की गिरावट के साथ 83,604 पर ट्रेड कर रहा था। वहीं, एनएसई निफ्टी 6 अंक यानी 0.03% टूटकर 25,464 के स्तर पर देखा गया।
मिडकैप और स्मॉलकैप में अधिक बिकवाली
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में ज्यादा दबाव देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.34% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.47% की गिरावट रही।
सेक्टोरल प्रदर्शन
आज आईटी और मीडिया सेक्टर सबसे ज्यादा कमजोर दिखे। निफ्टी आईटी इंडेक्स 0.55% गिरकर ट्रेड कर रहा था। तकनीकी शेयरों में वैश्विक बिकवाली और एआई से जुड़ी अनिश्चितताएं इसके पीछे मुख्य कारण मानी जा रही हैं। मीडिया इंडेक्स भी 0.84% नीचे रहा। वहीं, फार्मा सेक्टर में 0.93% और रियल्टी सेक्टर में 0.55% की बढ़त देखी गई।
बैंक निफ्टी में मजबूती
विशेषज्ञों का कहना है कि बैंक निफ्टी अन्य इंडेक्स की तुलना में मजबूत बना हुआ है और 60,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर के ऊपर कारोबार कर रहा है। 59,700–60,000 का स्तर एक मजबूत समर्थन क्षेत्र माना जा रहा है।
वैश्विक संकेत और निवेशकों का नजरिया
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चीन के शंघाई और शेनझेन इंडेक्स में 1% से अधिक की गिरावट रही, जबकि जापान का निक्केई और हांगकांग का हैंग सेंग बढ़त के साथ बंद हुए। पिछले सत्र में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 7,395 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की, वहीं घरेलू निवेशकों (DIIs) ने 5,553 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को सहारा देने की कोशिश की।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय बाजार फिलहाल ठहराव (कंसोलिडेशन) के दौर में है। निवेशक अमेरिका के आगामी आर्थिक आंकड़ों, जैसे फेडरल रिजर्व की बैठक के मिनट्स और पीसीई मुद्रास्फीति पर नजर बनाए हुए हैं।
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