Patna : सीतामढ़ी पुलिस ने सुप्पी थाना क्षेत्र के मोहनिमंडल निवासी शातिर जालसाज महेश मुखिया को गिरफ्तार कर एक बड़े जालसाजी मामले का पर्दाफाश किया है। जानकारी के मुताबिक, आरोपी लोगों को धोखा देकर लाखों रुपये ठग रहा था और खासकर सरकारी व निजी टेंडर के नाम पर लोगों को फंसाता था।
डीजीपी के नाम पर फर्जी आई कार्ड बनाकर किया था ठगी
पुलिस के अनुसार, महेश मुखिया ने महाराष्ट्र पुलिस के डीजीपी के नाम से फर्जी आई कार्ड और आपत्तिजनक दस्तावेज बनाकर लोगों को भ्रमित किया। इसी जाल में मुजफ्फरपुर के औराई निवासी सुधीर साहनी फंसे और टेंडर दिलाने के नाम पर लगभग 40 लाख रुपये वसूले गए। पीड़ित की शिकायत के बाद पुलिस ने छापेमारी कर आरोपी को दबोच लिया।
तलाशी में मिले महत्वपूर्ण साक्ष्य
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने महेश मुखिया के घर और अन्य ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त किए गए, जिनमें एक लैपटॉप, करीब 16 मोबाइल फोन, नेपाली और भारतीय सिम कार्ड के अलावा लाखों रुपये नकद शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि ये साक्ष्य मामले की गंभीरता को दर्शाते हैं और आगे की जांच में अहम भूमिका निभाएंगे।
पुलिस कर रही है गहन जांच
सीतामढ़ी पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि महेश मुखिया ने और किन लोगों को ठगा। अधिकारियों ने बताया कि यह ठगी सिर्फ व्यक्तिगत लाभ के लिए की गई थी और इसके पीछे विस्तृत जालसाजी की योजना थी।पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अज्ञात व्यक्ति पर भरोसा करने से पहले सतर्क रहें और किसी भी जालसाजी के प्रयास को तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें।
आगे की कार्रवाई और चेतावनी
महेश मुखिया के खिलाफ अब कानूनी कार्रवाई होगी और उसकी संपत्ति तथा अवैध आय की भी जांच की जाएगी। पुलिस ने साफ चेतावनी दी है कि यह गिरफ्तारी अन्य अपराधियों के लिए संदेश है—कानून के सामने कोई सुरक्षित नहीं है।
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