JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर झारखंड में छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है. पिछले 14 दिनों से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्र धरने पर बैठे हैं. कई छात्र भूख हड़ताल भी कर रहे हैं. अब इस आंदोलन को डुमरी विधायक और JLKM प्रमुख जयराम महतो का भी खुला समर्थन मिल गया है. जयराम महतो ने ऐलान किया है कि वह 9 अगस्त को पुराने विधानसभा परिसर में एक दिन का निर्जला अनशन करेंगे.
उन्होंने कहा कि यह अनशन छात्रों की आवाज को सरकार तक पहुंचाने और उनकी मांगों के समर्थन में किया जाएगा. उनका कहना है कि जब तक छात्रों की बात नहीं सुनी जाती, तब तक वह उनके साथ मजबूती से खड़े रहेंगे.
सुबह 6 बजे से शुरू होगा निर्जला अनशन
जयराम महतो ने बताया कि वह 9 अगस्त को सुबह 6 बजे से पुराने विधानसभा परिसर में निर्जला अनशन पर बैठेंगे. इसके लिए उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष रविंद्रनाथ महतो से मुलाकात कर अनुमति मांगी थी. चूंकि नए विधानसभा परिसर में अनशन करने की परंपरा नहीं है, इसलिए उन्हें पुराने विधानसभा परिसर में अनशन की अनुमति दी गई है.
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ उनका व्यक्तिगत विरोध नहीं है, बल्कि उन हजारों युवाओं की आवाज है, जो भर्ती परीक्षाओं को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं.
‘पहले भी छात्रों के साथ था, आगे भी रहूंगा’
जयराम महतो ने साफ कहा कि वह छात्रों के साथ पहले भी खड़े थे, आज भी हैं और आगे भी रहेंगे. उनके मुताबिक, युवाओं के भविष्य से जुड़े किसी भी मुद्दे पर चुप नहीं बैठा जा सकता. अगर छात्र अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं, तो जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि उनकी आवाज को सदन और सरकार तक पहुंचाएं.
उन्होंने कहा कि छात्र काफी दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं. ऐसे में सरकार को उनकी बात गंभीरता से सुननी चाहिए और जल्द कोई ठोस फैसला लेना चाहिए.

कई मंत्रियों और विधायकों से की मुलाकात
अनशन के ऐलान से पहले जयराम महतो ने विधानसभा अध्यक्ष रविंद्रनाथ महतो के अलावा स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी, वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर और गांडेय विधायक कल्पना सोरेन से भी मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से छात्र आंदोलन का जल्द समाधान निकालने की अपील की.
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ छात्रों का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे राज्य के युवाओं के भविष्य से जुड़ा सवाल है. इसलिए सरकार को राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर इस मामले का समाधान निकालना चाहिए.
‘भूख हड़ताल पर बैठे छात्र किसी के बेटे-बेटियां हैं’
जयराम महतो ने आंदोलन में शामिल छात्रों की सेहत को लेकर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि भूख हड़ताल पर बैठे छात्र किसी के बेटे-बेटियां हैं. उनकी सुरक्षा सबसे ज्यादा जरूरी है. सरकार को उनकी बिगड़ती हालत को देखते हुए संवेदनशीलता दिखानी चाहिए और जल्द बातचीत कर रास्ता निकालना चाहिए.
उन्होंने कहा कि लंबे समय तक भूख हड़ताल चलना किसी के लिए भी ठीक नहीं है. सरकार को ऐसा माहौल बनाना चाहिए कि छात्रों को अपना आंदोलन खत्म करने का भरोसा मिल सके.

क्या हैं छात्रों की मांगें?
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पिछले 14 दिनों से धरना दे रहे छात्र JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं. आंदोलनकारी परीक्षाओं को रद्द करने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग उठा रहे हैं.
अब जयराम महतो के निर्जला अनशन के ऐलान के बाद इस आंदोलन को एक बड़ा राजनीतिक समर्थन भी मिल गया है. ऐसे में अब सबकी नजर सरकार के अगले कदम पर टिकी है कि वह छात्रों और जनप्रतिनिधियों की मांगों पर क्या फैसला लेती है.
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