Johar Live Desk : भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार सुबह भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। संसद में इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 पेश होने से ठीक पहले निवेशकों ने सावधानी बरतते हुए बिकवाली की, जिससे प्रमुख सूचकांक लाल निशान में फिसल गए। खासतौर पर आईटी (IT) सेक्टर में कमजोरी और वैश्विक बाजारों के मिले-जुले संकेतों ने घरेलू बाजार पर दबाव बनाया।
सेंसेक्स और निफ्टी का हाल
सुबह 9:30 बजे के करीब, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 347 अंक या 0.42% की गिरावट के साथ 81,997 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 81 अंक या 0.32% टूटकर 25,260 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले दो दिनों में आई तेजी केवल बजट से पहले की ‘शॉर्ट कवरिंग’ थी, जो अब थम गई है।
आईटी शेयरों में गिरावट, मेटल और पीएसयू बैंक संभले
आज के कारोबार में निफ्टी आईटी इंडेक्स सबसे ज्यादा 1.29% गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा है। इसके विपरीत, मेटल, पीएसयू बैंक और रियल्टी सेक्टर में खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी मेटल 1.76% और पीएसयू बैंक इंडेक्स 0.70% बढ़त के साथ बाजार को सहारा देने की कोशिश कर रहे हैं। ऑयल एंड गैस सेक्टर भी करीब 0.78% मजबूती के साथ हरे निशान में है।
रुपया ऐतिहासिक निचले स्तर पर
शेयर बाजार के साथ-साथ मुद्रा बाजार में भी दबाव देखा गया। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया शुरुआती कारोबार में 92.00 के स्तर को पार कर गया। यह रुपये का अब तक का सबसे निचला स्तर (All-time low) है। डॉलर की मजबूती और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार निकासी ने रुपये पर भारी दबाव डाला है।
ग्लोबल मार्केट और निवेशकों की रणनीति
अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को 3.5% से 3.75% पर स्थिर रखने के फैसले के बाद एशियाई बाजारों में मिलाजुला रुख देखने को मिला। विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशी निवेशक अभी भी ‘सेल इंडिया’ (Sell India) की रणनीति पर बने हुए हैं। जब तक 1 फरवरी को केंद्रीय बजट में कोई बड़ी घोषणा नहीं होती, विदेशी पूंजी का प्रवाह वापस आना मुश्किल है। विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी के लिए 25,200 का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट है, जबकि 25,400–25,500 के स्तर पर कड़ा प्रतिरोध देखा जा रहा है।
Also Read : कैरव गांधी किडनैपिंग केस: पुलिस ने दबोचे 3 आरोपी, स्कॉर्पियो और हथियार बरामद

