Johar Live Desk : आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मानसिक थकान आम समस्या बन गई है। लंबे समय तक मोबाइल और कंप्यूटर स्क्रीन देखना, एक ही जगह बैठे रहना और काम का बढ़ता दबाव दिमाग को लगातार थका रहा है। ऐसे में मानसिक सुकून पाने के लिए एक नया वेलनेस ट्रेंड लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, जिसे ओशन थेरेपी कहा जाता है।
ओशन थेरेपी को ब्लू माइंड कॉनसेप्ट भी कहा जाता है। इसमें व्यक्ति समुद्र के किनारे समय बिताकर प्रकृति से जुड़ता है। समुद्र की लहरें, खुला आसमान और पानी की आवाज दिमाग को शांति देने में मदद करती हैं। लोग इस थेरेपी को असरदार बता रहे हैं।
क्या है ओशन थेरेपी
ओशन थेरेपी किसी बंद कमरे में होने वाली काउंसलिंग नहीं है। यह प्रकृति के साथ जुड़ने का एक सरल तरीका है। इसमें व्यक्ति समुद्र के पास बैठता है, लहरों को देखता है और उनकी आवाज सुनता है। विशेषज्ञों के अनुसार, समुद्र के पास रहने से दिमाग तनाव की स्थिति से बाहर निकलकर शांत अवस्था में पहुंच जाता है, जिससे मन को आराम मिलता है।
मानसिक थकान कैसे होती है कम
समुद्र की लहरों की आवाज दिमाग को शांत करने का काम करती है। यह बेचैनी कम करती है और ध्यान जैसी स्थिति पैदा करती है।
खुले वातावरण में रहने से सोच को विस्तार मिलता है और शहरों में रहने से होने वाला मानसिक दबाव कम होता है। पानी के पास समय बिताने से तनाव बढ़ाने वाले हार्मोन कम होते हैं और खुशी से जुड़े हार्मोन बढ़ते हैं, जिससे नींद भी बेहतर होती है।
क्यों बढ़ रहा है ओशन थेरेपी का ट्रेंड
लगातार स्क्रीन के इस्तेमाल से लोग डिजिटल बर्नआउट का सामना कर रहे हैं। ऐसे में ओशन थेरेपी बिना दवा के मानसिक संतुलन बनाने का एक आसान तरीका बनकर उभरी है। लोग अब प्राकृतिक तरीकों को ज्यादा अपनाने लगे हैं और समुद्र के किनारे समय बिताना उनमें सबसे सरल उपाय माना जा रहा है। वेलनेस एक्सपर्ट्स और मनोवैज्ञानिक भी मानसिक स्वास्थ्य के लिए नेचर थेरेपी की सलाह दे रहे हैं।
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