Jamtara (Rajiv Jha) : जामताड़ा जिले में शुक्रवार को भव्य कलश शोभायात्रा के साथ मां चंचला देवी के तीन दिवसीय 13वें वार्षिक महोत्सव का शुभारंभ हुआ। वैदिक मंत्रोच्चारण, ढोल-नगाड़ों की गूंज, आदिवासी नृत्य और लोक संस्कृति के रंगों से सजी इस शोभायात्रा ने पूरे शहर को भक्तिमय वातावरण में डुबो दिया।
मां चंचला मंदिर प्रांगण से विधि-विधान के साथ निकली कलश शोभायात्रा में मुख्य यजमान के रूप में वीरेंद्र मंडल उपस्थित थे। वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना कर जगतजननी मां चंचला से जामताड़ा सहित समस्त प्रदेश की सुख-शांति, समृद्धि और कल्याण की कामना की गई। कलश यात्रा के लिए हजारों कलशों को पवित्र जल, सुपाड़ी, आम पत्र और पुष्पों से सुसज्जित किया गया, जिन्हें हजारों माताओं-बहनों ने सिर पर धारण किया।

शोभायात्रा मां चंचला मंदिर से निकलकर पूरे बाजार का भ्रमण करते हुए पुनः मंदिर परिसर में संपन्न हुई। यात्रा में मां चंचला देवी के रथ के साथ गाजे-बाजे, आदिवासी ढोल-नगाड़े, बैंड पार्टी, झांकियां और नृत्य दल शामिल रहे। जामताड़ा जिले के नाला प्रखंड से आई ‘महिला भांगड़ा पार्टी’ विशेष आकर्षण का केंद्र रही।
महोत्सव को लेकर पूरे जामताड़ा शहर को विशेष लाइटिंग, तोरण द्वार और धार्मिक ध्वजों से सजाया गया है। मां चंचला मंदिर को भी पुष्पों और सजावटी सामग्री से भव्य रूप दिया गया। भारी भीड़ को देखते हुए चंचल माता मंदिर चौक सहित स्टेशन रोड, मुख्य बाजार और कोर्ट रोड से हनुमान मंदिर तक यातायात पूरी तरह बंद रखा गया। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी।

कलश शोभायात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या इतनी अधिक थी कि यात्रा को पूर्ण होने में पांच घंटे से अधिक का समय लगा। जिलेभर से महिलाएं और युवतियां इसमें शामिल हुईं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मारवाड़ी युवा मंच, जिला चेंबर ऑफ कॉमर्स एवं अन्य सामाजिक संस्थाओं द्वारा जगह-जगह शरबत के स्टॉल लगाए गए। साथ ही चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजदेव के नेतृत्व में स्वास्थ्य शिविर भी लगाया गया, जहां स्वास्थ्य कर्मी मुस्तैद रहे।
उल्लेखनीय है कि 16, 17 और 18 जनवरी तक चलने वाले इस तीन दिवसीय महोत्सव के दौरान भक्ति जागरण, चंडी पाठ, हवन, भजन संध्या एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। मान्यता है कि मां चंचला देवी के दरबार में सच्ची श्रद्धा से मांगी गई मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी दूर-दराज से श्रद्धालु महोत्सव में भाग लेने जामताड़ा पहुंच रहे हैं।

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