Close Menu
Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Johar LIVEJohar LIVE
    • होम
    • जेपीएससी / जेएसएससी
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    • होम
    • जेपीएससी / जेएसएससी
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Home»धर्म/ज्योतिष»14 जनवरी को मनाया जाता है मकर संक्रांति, जानिए क्यों है यह त्योहार खास
    धर्म/ज्योतिष

    14 जनवरी को मनाया जाता है मकर संक्रांति, जानिए क्यों है यह त्योहार खास

    Team JoharBy Team JoharJanuary 11, 2026No Comments3 Mins Read1
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link
    संक्रांति
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link

    Johar Live Desk : भारत में 14 जनवरी को मकर संक्रांति का पर्व पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। यह त्योहार देश के अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग नामों से जाना जाता है। बिहार और उत्तर प्रदेश में इसे खिचड़ी पर्व, गुजरात और राजस्थान में उत्तरायण, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में पोंगल, महाराष्ट्र और तेलंगाना में मकर संक्रांति, असम में भोगली बिहू और पंजाब में लोहड़ी के नाम से मनाया जाता है।

    क्यों मनाई जाती है मकर संक्रांति

    मकर संक्रांति एक प्रमुख हिंदू त्योहार है, जिसे सूर्य देव को समर्पित माना जाता है। यह त्योहार सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने का प्रतीक है। इसे उत्तरायण भी कहा जाता है क्योंकि इस दिन से सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण की ओर अपनी यात्रा शुरू करता है। यह एकमात्र हिंदू पर्व है जो सौर कैलेंडर के अनुसार मनाया जाता है और आमतौर पर हर साल 14 जनवरी को पड़ता है। इस दिन से सर्दी धीरे-धीरे कम होने लगती है, दिन बड़े और रातें छोटी होने लगती हैं। इसलिए मकर संक्रांति को अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने का प्रतीक माना जाता है। यह पर्व नई फसल के मौसम की शुरुआत और प्रकृति में सकारात्मक बदलाव का संदेश देता है।

    उत्तरायण का क्या है महत्व

    मकर संक्रांति को उत्तरायण इसलिए कहा जाता है क्योंकि इस दिन सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करता है। इसके बाद सूर्य उत्तर दिशा की ओर बढ़ता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह समय शुभ माना जाता है और इस दिन किए गए दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है। यह त्योहार ज्ञान, सकारात्मकता और नई शुरुआत का प्रतीक है।

    देशभर में अलग-अलग नाम, एक ही भावना

    मकर संक्रांति देश के हर हिस्से में अलग-अलग परंपराओं और रीति-रिवाजों के साथ मनाई जाती है। कहीं पतंग उड़ाई जाती है, कहीं नई फसल की पूजा होती है, तो कहीं विशेष पकवान बनाए जाते हैं। हालांकि नाम और परंपराएं अलग हैं, लेकिन इस पर्व की भावना एक ही है – सूर्य देव की पूजा और फसल का उत्सव।

    मकर संक्रांति पर क्यों खाया जाता है दही-चूड़ा

    मकर संक्रांति के मौके पर खासकर बिहार और उत्तर प्रदेश में दही-चूड़ा खाने की परंपरा है। मान्यता है कि दही-चूड़ा सूर्य देव का प्रिय भोग है। कहा जाता है कि इस दिन दही-चूड़ा अर्पित करने और खाने से सूर्य देव प्रसन्न होते हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मकर संक्रांति पर दही-चूड़ा और खिचड़ी खाने से ग्रह दोष दूर होते हैं और सौभाग्य में वृद्धि होती है। इसी कारण उत्तर प्रदेश और बिहार में इस पर्व को खिचड़ी पर्व भी कहा जाता है।

    फसल और आस्था का पर्व

    मकर संक्रांति केवल धार्मिक पर्व ही नहीं, बल्कि किसानों के लिए भी खास महत्व रखता है। यह नई फसल के आने की खुशी और प्रकृति के प्रति धन्यवाद प्रकट करने का अवसर है। पूरे देश में यह त्योहार शांति, सद्भाव और खुशहाली का संदेश देता है।

    Disclaimer : यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है। Johar Live इसकी पुष्टि नहीं करता है।

    Also Read : सोमनाथ में शौर्य यात्रा में शामिल हुए पीएम मोदी, वीरों को दी श्रद्धांजलि

    14 जनवरी को मनाया जाता है मकर संक्रांति Learn why the festival of Makar Sankranti is special Makar Sankranti Makar Sankranti is celebrated on January 14th जानिए क्यों है मकर संक्रांति का त्योहार खास मकर संक्रांति
    Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on Instagram Follow on YouTube Follow on WhatsApp Follow on Telegram
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Previous Articleसोमनाथ मंदिर पर फहराता ध्वज भारत की शक्ति और सामर्थ्य का प्रतीक : पीएम मोदी
    Next Article बिहार पुलिस का ‘ऑपरेशन लंगड़ा’, कुख्यात प्रहलाद कुमार को लगी गो’ली

    Related Posts

    जोहार ब्रेकिंग

    नवरात्रि के छठे दिन करें मां कात्यायनी की पूजा, विवाह की बाधाओं से मुक्ति के लिए जानें विधि और मंत्र

    October 15, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    जोहार शक्ति शृंखला – 4 : मां दुर्गा जैसी हिम्मत लेकर रेड लाइट नेटवर्क में पहुंचीं महिमा सिंह, 400-500 लड़कियों को दिया नया जीवन

    October 14, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा से मिलती है संतान सुख और सुख-समृद्धि की कामना, जानें विधि-मंत्र

    October 14, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    नवरात्रि के चौथे दिन करें मां कूष्मांडा की पूजा, जानें विधि, मंत्र और भोग

    October 13, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    नवरात्रि के तीसरे दिन करें मां चंद्रघंटा की पूजा, जानें विधि, मंत्र और भोग

    October 12, 2026
    आदिवासी

    जोहार शक्ति शृंखला भाग-1: 14 साल की थी, शादी तय हुई, सैलून पहुंच कर लड़कों की तरह बाल कटवाया और तोड़ दिया रिश्ता

    October 11, 2026
    Latest Posts

    जमशेदपुर में कल्लू घोष की हत्या के दोषियों को राहत नहीं, झारखंड हाईकोर्ट ने चार भाइयों की उम्रकैद बरकरार रखी

    October 15, 2026

    अमेरिका : मंदिर पर गोली चलाने की थी योजना, भारत सरकार ने लिया संज्ञान

    October 15, 2026

    दिल्ली के लाल किला मैदान में रामलीला के मंच पर दिखे केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम, निषादराज गुह की निभाई भूमिका

    October 15, 2026

    बयान से पलट तो गए महामहिम, लेकिन ओडिशा जाने से पहले माहौल क्या है?

    October 15, 2026

    धर्म परिवर्तन के बाद पुराने सामाजिक दर्जे के आधार पर नहीं मिलेगा पिछड़ा वर्ग आरक्षण, सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया अहम फैसला

    October 15, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    © 2026 Johar LIVE. | About Us | AdSense Policy | Privacy Policy | Terms and Conditions | Contact Us.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.