Johar Live Desk : पीएम नरेंद्र मोदी ने गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत निकाली गई शौर्य यात्रा में भाग लिया। इस यात्रा में 108 घोड़ों के साथ एक प्रतीकात्मक जुलूस निकाला गया, जो शौर्य, साहस और बलिदान का प्रतीक माना जाता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी भी मौजूद रहे।
शौर्य यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने वीर हमीरजी गोहिल की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। वीर हमीरजी गोहिल ने वर्ष 1299 ईस्वी में जफर खान के हमले के दौरान सोमनाथ मंदिर की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी थी। शौर्य यात्रा के बाद पीएम मोदी सोमनाथ मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने पूजा-अर्चना की। यात्रा मार्ग के दोनों ओर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। पीएम मोदी मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के साथ विशेष रूप से डिजाइन किए गए वाहन पर खड़े होकर करीब एक किलोमीटर लंबी यात्रा के दौरान लोगों का अभिवादन करते नजर आए।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि यह गर्व का क्षण है और पूरे देश के लिए गौरव का समय है। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर भारत की आस्था, साहस और सभ्यतागत आत्म-सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने याद दिलाया कि करीब एक हजार साल पहले महमूद गजनी ने सोमनाथ मंदिर पर हमला किया था, लेकिन हर बार मंदिर का पुनर्निर्माण हुआ।
पीएम मोदी ने कहा कि सोमनाथ का इतिहास विनाश का नहीं, बल्कि पुनर्निर्माण और विजय का इतिहास है। उन्होंने कहा कि आज भी सोमनाथ मंदिर पर फहराता ध्वज भारत की शक्ति और सामर्थ्य का प्रतीक है। पीएम ने यह भी कहा कि वर्ष 2026 में आधुनिक सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं। यह अवसर आने वाली पीढ़ियों को देश की सांस्कृतिक चेतना और बलिदान की प्रेरणा देता रहेगा।
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