Ranchi : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से रांची के फुटपाथ पर फल और सब्जी बेचने वाले छोटे विक्रेताओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में मंगलवार को एक अहम पहल की गई। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ के प्रयास से “नमो स्टॉल” वितरण कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जिसमें जरूरतमंद विक्रेताओं को निःशुल्क स्टॉल उपलब्ध कराए गए। स्टॉल मिलते ही लाभार्थियों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। लंबे समय से सड़क किनारे धूप, बारिश और असुविधाओं के बीच अपना कारोबार चला रहे इन विक्रेताओं के लिए यह पहल बड़ी राहत लेकर आई है।
पहले चरण में पांच लोगों को मिला स्टॉल
कार्यक्रम के प्रथम चरण में पांच फल और सब्जी विक्रेताओं को स्टॉल दिए गए। इसके साथ ही उन्हें फल और सब्जी तौलने की मशीन भी उपलब्ध कराई गई, ताकि उनका व्यवसाय अधिक व्यवस्थित और बेहतर ढंग से चल सके। स्टॉल प्राप्त करने वाले लाभार्थियों में मेट्रो गली के राकेश कुमार वर्मा, मधुकम चौक के अरविंद कुमार जायसवाल, कटहल मोड़ की मालती देवी, चुटिया की अनीता देवी और करमटोली चौक के राजेश टोप्पो शामिल हैं। इन विक्रेताओं का कहना है कि अब उन्हें सड़क किनारे अस्थायी ढंग से दुकान लगाने की परेशानी कम होगी और ग्राहकों का भरोसा भी बढ़ेगा।
आदित्य साहू ने कहा, गरीब का दर्द गरीब ही समझता है
कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष Aditya Sahu ने लाभार्थियों को स्टॉल वितरित किए। उन्होंने कहा कि गरीब का दर्द गरीब ही समझ सकता है और संजय सेठ एक संवेदनशील जनप्रतिनिधि हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल स्टॉल बांटने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह छोटे व्यापारियों को सम्मान और स्थिरता देने की दिशा में एक मजबूत कदम है। इससे फुटपाथ पर व्यवसाय करने वाले भाई-बहनों को नई सुविधा और आत्मविश्वास मिलेगा।
अमर बाउरी ने भी की सराहना
प्रदेश भाजपा के महामंत्री और पूर्व नेता प्रतिपक्ष Amar Kumar Bauri ने भी इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि सड़क किनारे सब्जी बेचने वालों का जीवन आसान बनाने के लिए इस तरह की योजनाएं बेहद जरूरी हैं। इससे उनका रोजगार स्थिर होगा और जीवन स्तर में सुधार आएगा।
हर स्टॉल की लागत करीब 50 हजार रुपये
संजय सेठ ने बताया कि प्रत्येक स्टॉल की लागत लगभग 50 हजार रुपये है। पहले चरण में पांच लाभार्थियों को यह सुविधा दी गई है, लेकिन आने वाले समय में रांची के अलग-अलग इलाकों में और भी स्टॉल वितरित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री हमेशा कहते हैं कि रेहड़ी-पटरी वाले हमारे शहरी अर्थतंत्र की रीढ़ हैं। उनका सशक्त होना शहरों के समग्र विकास के लिए जरूरी है।
शहर को स्वच्छ और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की कोशिश
उन्होंने आगे कहा कि इस योजना का उद्देश्य रांची को महानगरों की तर्ज पर व्यवस्थित बनाना है, ताकि गली-मोहल्लों तक फल और सब्जी विक्रेताओं की आसान पहुंच हो सके। इससे शहर स्वच्छ रहेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। इसके लिए विक्रेताओं की एक विस्तृत सूची तैयार की जा रही है, ताकि योजना का लाभ अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों तक पहुंच सके।
कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
कार्यक्रम में विधायक सीपी सिंह, मेयर रोशनी खलखो, डिप्टी मेयर नीरज कुमार, पूर्व राज्यसभा सांसद अजय मारू सहित भाजपा के कई नेता, कार्यकर्ता और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। इस योजना से छोटे व्यवसायियों को न केवल बेहतर कार्यस्थल मिलेगा, बल्कि उनकी आय बढ़ने और जीवन स्तर में सुधार की भी उम्मीद है।
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