अमेरिका के इलिनॉय राज्य के ऑरोरा इलाके में एक हिंदू मंदिर को निशाना बनाकर सामूहिक गोलीबारी करने की कथित साजिश के मामले में 19 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया गया है. भारत के विदेश मंत्रालय ने 15 अक्टूबर को इस घटना पर गहरी चिंता जताते हुए अमेरिकी अधिकारियों से मामले की गहन जांच करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया के सवालों के जवाब में कहा कि कथित साजिश में हिंदू-विरोधी और नस्लवादी तत्वों की मौजूदगी तथा भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ हिंसा के संदर्भ विशेष रूप से चिंताजनक हैं. उन्होंने कहा कि भारत ने अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों की कार्रवाई, संदिग्ध की गिरफ्तारी और उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों का संज्ञान लिया है.
सहकर्मियों की सूचना के बाद जांच में जुटी पुलिस
अमेरिकी मीडिया में छपी रिपोर्टों के अनुसार, संदिग्ध की पहचान अलेक्जेंड्रोस पापोराकिस (Alexandros Paporakis) के रूप में हुई है. वह इलिनॉय के पैलेटाइन इलाके का निवासी है. मामले का खुलासा तब हुआ, जब उसके सहकर्मियों ने कथित तौर पर उसके संदेशों और बातचीत को लेकर पुलिस को सूचना दी.
संदिग्ध ने ऑरोरा के एक हिंदू मंदिर को निशाना बनाने की योजना बनाई थी. जांचकर्ताओं को कथित तौर पर हथियारों से संबंधित तस्वीरें और संदेश भी मिले. पुलिस ने मामले की जांच के बाद उसे गिरफ्तार किया.
अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, जांच के दौरान संदिग्ध के घर से राइफल, मैगजीन, बड़ी संख्या में कारतूस और टैक्टिकल उपकरण बरामद किए गए. जांचकर्ताओं को आठ पन्नों का एक कथित घोषणापत्र भी मिला, जिसमें नस्लवादी विचारों के साथ भारतीय मूल के लोगों समेत विभिन्न समुदायों के खिलाफ हिंसा का उल्लेख होने की बात कही गई है.

भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग
भारत ने कहा है कि अमेरिका में नस्लवादी शत्रुता और भारत-विरोधी नफरत को लेकर बढ़ती चिंताएं गंभीर हैं. विदेश मंत्रालय ने नफरत से प्रेरित हिंसा के प्रति शून्य सहनशीलता अपनाने, सतर्कता बढ़ाने और भारतीय समुदाय की सुरक्षा के लिए निर्णायक कदम उठाने की जरूरत बताई.
भारत ने अमेरिकी अधिकारियों से पूरे मामले की गहन जांच करने, जिम्मेदार लोगों को न्याय के कटघरे में लाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सभी आवश्यक उपाय करने की अपेक्षा जताई.
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