Saraikela : सरायकेला नगर पंचायत में उपाध्यक्ष पद को लेकर कई दिनों से चल रही सियासी हलचल मंगलवार को थम गई। मुकाबला दिलचस्प माना जा रहा था, लेकिन नामांकन वापसी के आखिरी समय पर पूरा खेल बदल गया। उत्तम कुमार महंती ने अंतिम समय में अपना नामांकन वापस ले लिया, जिसके बाद वार्ड पार्षद अविनाश कवि का रास्ता साफ हो गया और उन्हें निर्विरोध उपाध्यक्ष घोषित कर दिया गया।
समर्थकों में जश्न का माहौल
जैसे ही निर्विरोध जीत की घोषणा हुई, अविनाश कवि के समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। जीत के बाद उन्होंने कहा कि वे नगर के विकास के लिए पूरी ईमानदारी से काम करेंगे और लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश करेंगे।
मुकाबला था कांटे का
इस चुनाव में दो उम्मीदवार मैदान में थे। एक तरफ अविनाश कवि और दूसरी तरफ उत्तम कुमार महंती। दोनों के पास अच्छा समर्थन था, इसलिए मुकाबला काफी रोचक माना जा रहा था। लेकिन नामांकन वापसी के बाद चुनाव बिना मुकाबले खत्म हो गया।
सियासी रणनीति रही कामयाब
इस पूरे घटनाक्रम के पीछे नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी की रणनीति को अहम माना जा रहा है। कहा जा रहा है कि उन्होंने अपने समर्थक पार्षदों को एकजुट रखकर पूरा समीकरण अपने पक्ष में कर लिया।
विरोधी खेमा नहीं तोड़ पाया चक्रव्यूह
दूसरी ओर चंपाई सोरेन और उनकी टीम ने अपने प्रत्याशी को जिताने के लिए पूरी ताकत लगा दी थी, लेकिन वे इस रणनीति को तोड़ नहीं पाए। बताया जा रहा है कि पार्षदों को एकजुट रखने के लिए खास रणनीति अपनाई गई, जिससे विरोधी खेमा कमजोर पड़ गया।
क्या संकेत देता है यह नतीजा
सरायकेला जैसे छोटे नगर में निर्विरोध चुनाव को स्थानीय राजनीति में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है। यह दिखाता है कि सही रणनीति और संगठन के दम पर बिना मतदान के भी बाजी जीती जा सकती है।
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