Dhanbad : धनबाद के बलियापुर में रामनवमी के जुलूस के दौरान शनिवार शाम अचानक माहौल बिगड़ गया। बाइक सवार कुछ असामाजिक तत्वों ने जुलूस पर पत्थरबाजी कर दी, जिससे इलाके में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बन गई। घटना के बाद पुलिस तुरंत एक्शन में आई और हालात को काबू में लिया।
20 आरोपियों की गिरफ्तारी, बाजार में निकाली गई परेड
मामले में पुलिस ने तेजी दिखाते हुए 20 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इससे पहले सभी आरोपियों को बलियापुर बाजार में घुमाया गया, जिसे लेकर अब विवाद खड़ा हो गया है। पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
मंत्री इरफान अंसारी ने लिया संज्ञान
घटना को लेकर झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने भी सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार से बात कर स्पष्ट निर्देश दिया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाए।
“पुलिस किसी पार्टी के इशारे पर काम न करे”
मंत्री इरफान अंसारी ने पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि कानून किसी राजनीतिक दबाव में नहीं चल सकता। उन्होंने साफ कहा कि झारखंड में प्रशासन को किसी भी दल, खासकर भाजपा के इशारे पर काम करने की इजाजत नहीं दी जा सकती। उन्होंने यह भी कहा कि थाना किसी पार्टी का दफ्तर नहीं है, बल्कि संविधान के अनुसार चलने वाली संस्था है।
एकतरफा कार्रवाई पर उठाए सवाल
मंत्री ने आरोप लगाया कि अगर कार्रवाई एकतरफा होगी तो यह न्याय के मूल सिद्धांतों के खिलाफ होगा। उन्होंने कहा कि दोषी चाहे कोई भी हो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन सिर्फ एक पक्ष को निशाना बनाना सही नहीं है। इससे सामाजिक सौहार्द भी प्रभावित होता है।
सार्वजनिक परेड को बताया गलत
मंत्री ने आरोपियों को बाजार में घुमाने की कार्रवाई पर भी कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने इसे मानव गरिमा के खिलाफ बताते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाई से कानून का डर नहीं, बल्कि गलत संदेश जाता है।
मामले ने लिया सियासी रंग
अब यह मामला पूरी तरह सियासी रंग ले चुका है। एक तरफ पुलिस अपनी कार्रवाई को सही बता रही है, तो दूसरी तरफ मंत्री के बयान के बाद राजनीति गरमा गई है।
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