Hazaribagh : जिला परिवहन कार्यालय यानी डीटीओ ऑफिस के चक्कर लगाने से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। अब गाड़ियों से जुड़े कई जरूरी काम घर बैठे ऑनलाइन हो सकेंगे। परिवहन विभाग ने वाहन संबंधी कई सेवाओं को पूरी तरह फेसलेस कर दिया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब लोगों को छोटे-छोटे काम के लिए घंटों लाइन में खड़े होने या बार-बार डीटीओ कार्यालय जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। परिवहन विभाग की नई व्यवस्था के तहत अब गाड़ी ट्रांसफर, डुप्लीकेट आरसी, मोबाइल नंबर अपडेट, नाम सुधार और एनओसी यानी नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट जैसे काम ऑनलाइन किए जा सकेंगे। पहले इन कामों के लिए लोगों को कई बार डीटीओ कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता था। दस्तावेज जांच और प्रक्रिया पूरी होने में भी काफी समय लग जाता था। लेकिन अब पूरी प्रक्रिया डिजिटल कर दी गई है। फेसलेस व्यवस्था का मतलब है कि अब आवेदकों को अपने वाहन से जुड़े काम के लिए शारीरिक रूप से कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी। लोग घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। जरूरी दस्तावेज वेबसाइट पर अपलोड होंगे और फीस का भुगतान भी ऑनलाइन किया जाएगा। इसके बाद डीटीओ कार्यालय दस्तावेजों की जांच करेगा और प्रक्रिया पूरी होने पर संबंधित दस्तावेज जारी कर दिए जाएंगे। इससे लोगों का समय बचेगा और अनावश्यक भागदौड़ भी खत्म होगी।
नई गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन पहले से हो रहा ऑनलाइन
परिवहन विभाग पहले ही नई गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को फेसलेस कर चुका है। अब वाहन खरीदते ही शोरूम से ही रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी हो जाती है। वाहन मालिकों को अलग से डीटीओ कार्यालय नहीं जाना पड़ता। शोरूम स्तर पर आवेदन और दस्तावेज की प्रक्रिया पूरी होने के बाद डीटीओ कार्यालय ऑनलाइन सत्यापन करता है और फिर रजिस्ट्रेशन बुक उपलब्ध करा दी जाती है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद लोगों को सबसे बड़ी राहत दलालों और लंबी लाइनों से मिलने वाली है। अब मोबाइल या कंप्यूटर के जरिए ही कई जरूरी काम आसानी से किए जा सकेंगे। लोगों का कहना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और काम भी तेजी से होंगे।
डिजिटल इंडिया की दिशा में बड़ा कदम
परिवहन विभाग की इस पहल को डिजिटल इंडिया और ई-गवर्नेंस की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। विभाग का कहना है कि आने वाले समय में और भी सेवाओं को ऑनलाइन किया जाएगा, ताकि आम लोगों को ज्यादा सुविधा मिल सके। हजारीबाग के डीटीओ बैधनाथ कामती ने बताया कि पहले सिर्फ नई गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन की सुविधा फेसलेस थी, लेकिन अब कई अन्य सेवाओं को भी ऑनलाइन कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इससे लोगों को कार्यालय की अनावश्यक दौड़-भाग से राहत मिलेगी और वाहन संबंधी काम तेजी से पूरे हो सकेंगे।
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