Jamshedpur : टाटा स्टील यूटिलिटीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज लिमिटेड (USIL) ने अपनी बिजली की दरों में 17 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है। झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग ने सोमवार दोपहर आदित्यपुर ऑटो क्लस्टर में जन सुनवाई कर उपभोक्ताओं से सुझाव मांगे। सुनवाई की अध्यक्षता आयोग के चेयरमैन नवनीत कुमार ने की और विधिक सदस्य महेंद्र प्रसाद मौजूद रहे।
कंपनी ने क्या बढ़ाने का प्रस्ताव दिया
कंपनी ने फिक्स्ड चार्ज में न्यूनतम 10 रुपये और अधिकतम 115 रुपये तथा एनर्जी चार्ज में 60 पैसे से 1.05 रुपये प्रति यूनिट बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है। इसके साथ ही पांच किलोवाट तक बिजली लेने वाले शहरी कामर्शियल उपभोक्ताओं के एनर्जी चार्ज में 25 पैसे प्रति यूनिट बढ़ोतरी और रेलवे, इंजीनियरिंग व मिलिट्री स्टेशन के एनर्जी चार्ज में 5 पैसे प्रति यूनिट की कटौती का सुझाव दिया है।
भूमिगत केबल और अन्य चुनौतियां
कंपनी ने बताया कि सरायकेला-खरसावां क्षेत्र में भूमिगत केबल का क्षतिग्रस्त होना बड़ी चुनौती है। विभिन्न कंपनियों की खुदाई से केबल खराब हुई हैं। वन क्षेत्र में अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना और ट्रांसफार्मर से तेल चोरी भी समस्याएं हैं।
पांच साल में कंपनी को चाहिए 935 करोड़ रुपये
USIL के मुताबिक, वर्तमान में उनके 7,572 उपभोक्ता हैं जिन्हें 1,117.46 मिलियन यूनिट बिजली मिल रही है। अगले पांच साल में उपभोक्ता बढ़कर 15,568 होंगे और उनकी बिजली खपत 1,377.54 मिलियन यूनिट तक पहुंच जाएगी। इसके लिए कंपनी को 935.21 करोड़ रुपये की जरूरत होगी।
विधिक सदस्य ने स्पष्ट किया नियम
महेंद्र प्रसाद ने कहा कि कंपनी ने 17 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है, लेकिन आडिट रिपोर्ट के आधार पर तय फार्मूले के तहत ही बढ़ोतरी की जाएगी ताकि उपभोक्ताओं को ज्यादा परेशानी न हो।
चेयरमैन ने दिया उपभोक्ताओं और कंपनी को संदेश
नवनीत कुमार ने कहा कि कंपनी अपने ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन लॉस को कम करे और रेवेन्यू गैप बढ़ने न पाए। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब रेवेन्यू गैप ज्यादा नहीं होना चाहिए, वरना टैरिफ बढ़ सकता है।
उपभोक्ताओं ने उठाए सवाल
उद्यमियों और पूर्व पदाधिकारियों की नाराज़गी
संतोष खेतान, पूर्व अध्यक्ष, एशिया ने कहा कि हाईकोर्ट ने विद्युत शुल्क वापस लिया है, पर कंपनी के पास 166 करोड़ रुपये जमा हैं। हर्ष अग्रवाल, उद्यमी ने डिस्ट्रीब्यूशन लॉस बढ़ाने और उपभोक्ता संख्या बढ़ने के बावजूद दक्षता पर सवाल उठाए। अन्य उद्यमियों ने भी पावर क्षमता बढ़ाने में परेशानियों और अतिरिक्त चार्ज पर आपत्ति जताई।
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