Garhwa : गढ़वा कोर्ट ने प्रेम-प्रसंग में हुई निर्मम हत्या के मामले में फैसला सुना दिया है। सुनील रजवार और संजय रजवार को अपनी बहन के प्रेमी विकास रजवार की हत्या करने के दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा दी गई है। साथ ही दोनों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (चतुर्थ) आशुतोष कुमार पांडे की अदालत ने यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया।
मामला क्या था?
घटना 6 मई 2022 की है। बरडिहा थाना क्षेत्र के जतरो बंजारी गांव निवासी रामाश्रय रजवार ने अपनी शिकायत में बताया कि उनका पुत्र विकास रात करीब 12 बजे शौच के लिए घर से निकला, लेकिन सुबह तक वापस नहीं आया। खोजबीन के दौरान पता चला कि विकास उनकी बहन माया कुमारी से मिलने गया था। इसी दौरान माया के भाई सुनील और संजय वहां पहुंच गए और विकास के साथ मारपीट करने लगे। दोनों भाई उसे जबरन अंधेरे में ले गए, और बाद में पुलिस ने उनकी निशानदेही पर विकास का शव बरामद किया।
न्यायालय ने कैसे तय किया दोष?
अदालत ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए वैज्ञानिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर भरोसा जताया। कुल 11 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। FSL रिपोर्ट और तकनीकी दस्तावेजों को आधार बनाया गया। घटनास्थल से बरामद घड़ी, बेल्ट, लोटा और मोबाइल जैसे सबूत महत्वपूर्ण माने गए। अदालत ने पाया कि यह हत्या पूरी तरह से सुनियोजित और क्रूर थी।
सजा और कानूनी प्रक्रिया
अदालत ने IPC की धारा 302/34 के तहत दोनों भाइयों को दोषी करार दिया। अभियोजन पक्ष से पैरवी की पी पी उमेश दीक्षित ने। बचाव पक्ष में अधिवक्ता पंकज कुमार और दीपक कुमार रहे। न्यायालय ने कहा, “साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर इसे जघन्य अपराध माना गया है। दोनों अभियुक्त अब अपनी पूरी जिंदगी सलाखों के पीछे बिताएंगे।”
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