Ranchi : सीएम हेमंत सोरेन की उपस्थिति में झारखंड सरकार और बैंक ऑफ इंडिया के बीच राज्य सरकार के कर्मचारियों के वेतन और पेंशन खाता पैकेज को लेकर समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह एमओयू झारखंड मंत्रालय में सम्पन्न हुआ। सरकार का कहना है कि यह कदम राज्य कर्मियों को आर्थिक सुरक्षा और बेहतर कार्य वातावरण देने की दिशा में एक अहम पहल है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार संवेदनशील है और राज्य की सेवा करने वाले कर्मचारियों के कल्याण के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि नौकरी के दौरान मिलने वाला वेतन, सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन, स्वास्थ्य सुरक्षा और दुर्घटना जैसी परिस्थितियों में आर्थिक मदद सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। इसी सोच के तहत यह सैलरी और पेंशन खाता पैकेज लागू किया गया है।
सीएम हेमंत सोरेन ने यह भी कहा कि सरकार का लक्ष्य समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाना है। जो लोग विकास से दूर हैं, उन तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की कोशिश है। इस काम में बैंकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने भरोसा जताया कि आगे भी बैंक सरकार के साथ मिलकर विकास कार्यों में सहयोग करेंगे।
सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य के समावेशी विकास में बैंकों का बड़ा योगदान है। बैंकिंग सेवाओं के माध्यम से सरकार की कई योजनाएं आम लोगों तक पहुंच रही हैं। आने वाले समय में बैंकों की भूमिका और भी अहम होगी। मुख्यमंत्री ने बैंक ऑफ इंडिया की इस पहल की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि अन्य बैंक भी सरकार के साथ जुड़कर राज्य के विकास में योगदान देंगे।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने एक मानवीय पहल के तहत दुर्घटना में मृत जेबीवीएनएल कर्मी प्रमोद लकड़ा की पत्नी श्रीमती मंजू लकड़ा को गवर्नमेंट सैलरी पैकेज के अंतर्गत 50 लाख रुपये की सहायता राशि का चेक भी सौंपा।
एमओयू पर राज्य सरकार की ओर से वित्त विभाग के विशेष सचिव संदीप सिंह और बैंक ऑफ इंडिया की ओर से रांची अंचल के उप महाप्रबंधक संजीव कुमार ने हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत बैंक ऑफ इंडिया में सैलरी अकाउंट रखने वाले राज्य सरकार के कर्मचारी, सेवानिवृत्त कर्मचारी और अनुबंध कर्मियों को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के कई बैंकिंग सुविधाएं मिलेंगी। इसमें एक करोड़ रुपये तक का दुर्घटना बीमा शामिल है, जबकि हवाई दुर्घटना में मृत्यु होने पर यह राशि दो करोड़ रुपये तक होगी।
इस अवसर पर वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, वित्त सचिव प्रशांत कुमार, बैंक ऑफ इंडिया के कार्यकारी निदेशक सुब्रत कुमार, जीएम गुरु प्रसाद गौंड सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे।
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