जोहार लाइव ब्यूरो
चेक बाउंस के 7 मामलों में अभिनेता राजपाल यादव को सुप्रीम कोर्ट से एक बार फिर फटकार लगी है. बुधवार, 7 अक्टूबर को वह खुद सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए. चीफ जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच उनकी उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें चेक बाउंस मामलों में मिली सजा को चुनौती दी गई है.
कोर्ट ने राजपाल यादव को 13 अक्टूबर तक 2 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया है. इससे पहले उन्हें 5 करोड़ रुपये कोर्ट रजिस्ट्री में जमा करने का आदेश दिया गया था, लेकिन तय रकम जमा नहीं हो पाई थी.
CJI की बेंच ने कहा, ‘कानून का इस्तेमाल इस तरह नहीं किया जाना चाहिए. पैसे जमा करने का निर्देश देने का मकसद, शिकायतकर्ता के लिए रकम सुरक्षित करना था और राजपाल यादव का बर्ताव संतोषजनक नहीं रहा है.’ आदेश पारित करने के बाद बेंच ने राजपाल यादव से अनौपचारिक बातचीत भी की, जिसमें उन्होंने अपनी फिल्म ‘अता-पता लापता’ से हुई आर्थिक दिक्कतों के बारे में बताया.
सवाल-जवाब के माध्यम से समझते है ये पूरी सुनवाई
CJI सूर्य कांत: कुछ नया बना रहे हो? या फिर कोई नई फिल्म आ रही है?
राजपाल यादव: सर, प्रणाम करता हूं. मैंने ढाई सौ से ज्यादा फिल्में की हैं. लेकिन पिछले 13 साल में करीब ढाई सौ करोड़ रुपये का नुकसान भी झेल चुका हूं.
राजपाल यादव: ‘अता पता लापता’ में मेरे 17 करोड़ रुपये डूब गए. यह ‘मर्चेंट ऑफ़ वेनिस’ वाला मामला है, हुजूर. आप जब चाहें, जहां चाहें, मुझे भेज सकते हैं, मैं हर समय तैयार हूं.

राजपाल यादव ने अपने मामले की तुलना शेक्सपियर के प्रसिद्ध नाटक ‘The Merchant of Venice’ से की. नाटक में एंटोनियो कर्ज लेता है और शर्त रखी जाती है कि पैसा न चुकाने पर उसके शरीर से एक पाउंड मांस लिया जाएगा. मामला अदालत तक पहुंचता है, जहां एक चालाक कानूनी दलील के जरिए इस शर्त को ही उसके खिलाफ इस्तेमाल किया जाता है.
राजपाल यादव: लेकिन कुल रकम 22 करोड़ रुपये थी. इसमें 5 करोड़ रुपये की देनदारी ने मेरे 17 करोड़ रुपये को 2013 से मिट्टी में मिला दिया और मुझे एक रुपया भी कमाने नहीं दिया.
मेरे खिलाफ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की गई. मेरी फिल्म रुक गई. फिल्म 1,200 थिएटर में रिलीज होनी थी, लेकिन एक भी थिएटर में रिलीज नहीं हो पाई. एक रुपये की भी कमाई नहीं हो पाई
CJI सूर्य कांत: एक अच्छी सी फिल्म बनाकर लोगों को एंटरटेन करो. आपकी इमेज दोबारा बन जाएगी. हमारे यहां कुछ वकील भी अच्छे एक्टर हैं. उन्हें लेकर कोई फिल्म बनाओ.
राजपाल यादव: सर, 2010 से 2026 तक जो हुआ, उसका टाइटल भी हमने सोच लिया है… ‘सोलह सावन झेल के’
1.15 करोड़ का डिमांड ड्राफ्ट लेकर पहुंचे राजपाल यादव
बुधवार को राजपाल यादव कोर्ट में 1.15 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट लेकर पहुंचे. कोर्ट ने इसे रजिस्ट्री में जमा करने का निर्देश दिया. बाकी 85 लाख रुपये 13 अक्टूबर तक जमा करने को कहा गया है. राजपाल यादव के वकील ने बताया कि बाकी रकम उनकी एक प्रॉपर्टी के खरीदार की ओर से दी जाएगी. खरीदार कोर्ट में मौजूद था और ट्रांजैक्शन पूरा होने के बाद 85 लाख रुपये जमा करने की बात कही गई.
कोर्ट ने साफ किया कि रकम जमा होने के बाद ही हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ राजपाल यादव की अपील पर आगे विचार किया जाएगा.
7 चेक हुए थे बाउंस
अदालत में राजपाल यादव ने खुद कहा कि यह विवाद ‘अता पता लापता’ फिल्म से जुड़ी ₹5 करोड़ की देनदारी की वजह से शुरू हुआ था. साल 2010 में रिलीज इस फिल्म के लिए राजपाल यादव ने मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड की ओर से कथित कर्ज लिया था. इसके बाद उनके ₹1.05 करोड़ के 7 चेक बाउंस हो गए थे. कई साल बीतने के बाद कर्ज की यह रकम ब्याज समेत बढ़कर ₹9 करोड़ हो गई.
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