Ranchi : राज्य में पेट्रोल-डीजल की जमाखोरी रोकने के लिए तेल कंपनियों ने सख्त कदम उठाए हैं। अब किसी भी ग्राहक को एक बार में 300 लीटर से ज्यादा डीजल नहीं दिया जाएगा। इसके लिए पंपों में ऑटोमैटिक इंटरलॉक सिस्टम लागू कर दिया गया है। अगर तय सीमा से ज्यादा बिक्री की कोशिश होगी, तो सिस्टम खुद ही लॉक हो जाएगा।
हर पंप पर कंपनियों की नजर, ज्यादा बिक्री पर रोक
तेल कंपनियां अब हर पेट्रोल पंप की निगरानी कर रही हैं। निर्देश दिया गया है कि किसी भी व्यक्ति या संस्था को जरूरत से ज्यादा पेट्रोल-डीजल न दिया जाए। इसका मकसद यह है कि कोई भी तेल जमा कर बाद में ऊंचे दाम पर बेचने की कोशिश न कर सके।
नए ग्राहकों को ज्यादा तेल देने से बचने का निर्देश
कंपनियों ने पंप संचालकों को यह भी कहा है कि ज्यादा मात्रा में तेल केवल पुराने और नियमित ग्राहकों को ही दिया जाए। खासकर अस्पताल और बैंक्वेट हॉल जैसे संस्थानों को जरूरत के हिसाब से तेल मिल सकता है। वहीं नए ग्राहकों को बड़ी मात्रा में तेल देने से बचने को कहा गया है।
इंडस्ट्रियल ग्राहक कर रहे जुगाड़
इंडस्ट्रियल डीजल महंगा होने के कारण फैक्ट्रियां अब सामान्य पंपों से डीजल लेने की कोशिश कर रही हैं। रांची में जहां डीजल करीब 92.62 रुपये प्रति लीटर है, वहीं इंडस्ट्रियल डीजल 138 से 152 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है। यही वजह है कि कंपनियां ऐसे ग्राहकों पर खास नजर रख रही हैं।
औसतन बिक्री के हिसाब से मिल रहा तेल
तेल कंपनियां अब पंपों को उनकी औसत बिक्री के हिसाब से ही पेट्रोल-डीजल की सप्लाई दे रही हैं। इससे कहीं भी ज्यादा स्टॉक जमा करने की संभावना कम हो जाएगी।
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