छत्तीसगढ़ के कोरिया ज़िले में आदिवासी समुदाय के दो नेताओं को गिरफ्तार किया गया है. नेताओं पर आरोप है कि उन्होंने 25 और 17 साल की महिलाओं के साथ रेप किया है. ये दोनों महिलाएँ अपने परिवार की मर्ज़ी के ख़िलाफ़ रिश्ते में थीं. आरोप है कि उनके परिवारों ने उन्हें उनके पार्टनर से अलग करके दो पुरुषों 75 साल के दरोगा सिंह और उनके साले 56 साल के रमेश टेकाम के हवाले कर दिया था.
स्थानीय पुलिस के अनुसार, 25 वर्षीय आदिवासी महिला ने अप्रैल के माह में दूसरी जाति के व्यक्ति से शादी की थी. जिसके बाद 4 जुलाई को उसके माता-पिता और रिश्तेदार उसे जबरदस्ती वापस ले आये. बताया जा रहा है कि ऐसा दरोगा सिंह और रमेश टेकाम के कहने पर लाया गया और बाद में दोनों के हवाले कर दिया.
सुरक्षा का वादा, लेकिन हुआ घिनौना अपराध
पुलिस अधिकारी ने मीडिया को बताया कि उसे सुरक्षित रखने के बहाने, आरोप है कि उन दोनों ने 4 जुलाई को कई बार उसके साथ गैंगरेप किया. इसके साथ प्रेग्नेंसी खत्म करने के लिए उसे गोलियाँ भी खिलाईं. महिला किसी तरह अपने पति से संपर्क करने में कामयाब रही, जिसने पुलिस से संपर्क किया और पुलिस ने 5 जुलाई को उसे बचाया.
अधिकारी के अनुसार, उसी महिला ने उन्हें जानकारी दी कि उन दो पुरुषों ने एक 17 साल की लड़की को भी ज़बरदस्ती अपने पास रखा हुआ है. इसके बाद 10 जुलाई को नाबालिग का बयान दर्ज किया गया और उसने बताया कि उन दोनों ने उसके साथ भी रेप किया था. 17 वर्षीय नाबालिग लड़की भी दूसरी जाति के एक व्यक्ति के साथ भाग गई थी.
पुलिस के अनुसार, इस साल की शुरुआत में जब उस व्यक्ति को POCSO एक्ट के तहत गिरफ़्तार किया गया, तो उसके माता-पिता ने उसे उन दो समुदाय के नेताओं के पास भेज दिया.
यौन उत्पीड़न व पोस्को के एक्ट में केस दर्ज
सिंह और टेकाम पर गैंगरेप, गंभीर रेप, ज़बरदस्ती अबॉर्शन, और नाबालिग के साथ यौन उत्पीड़न व POCSO एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है. टेकाम पर पहले भी रेप के आरोप लग चुके हैं और उसे 2021 में गिरफ़्तार किया गया था. प्राथमिकी दर्ज होने के बाद सिंह और टेकाम फ़रार हो गए थे. जिसे 19 जुलाई को ढूंढ कर निकाला गया व गिरफ्तार किया गया. जिसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.

