रांची/कोलकाता : झारखंड़ में आतंक का पर्याय बना 25 लाख का इनामी रामप्रसाद माड़ी उर्फ सचिन समेत तीन नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष सरेंडर किया है. नक्सलियों ने बंगाल के बांकुड़ा जिले में पुलिस के समक्ष सरेंडर किया है. इस सरेंडर में सचिन की पत्नी मीता का अहम भूमिका रही है. फिलहाल तीनों नक्सली बंगाल पुलिस के संरक्षण में गुप्त स्थान पर पूछताछ कर रही है. बंगाल पुलिस ने इस मामले की जानकारी झारखंड़ पुलिस से शेयर किया है. झारखंड़ पुलिस मुख्यालय से एक टीम बंगाल पूछताछ के लिए रवाना होने वाली है.
बंगाल पुलिस के समक्ष इनलोगों ने किया है सरेंडर
आत्मसमर्पण करने वालों की पहचान 25 लाख का इनामी राम प्रसाद माड़ी उर्फ सचिन, निवासी झुंझका, थाना पटमदा, पूर्वी सिंहभूम, उनकी पत्नी 10 लाख की इनामी मीता उर्फ नयनतारा निवासी सोनाचूड़ा, थाना नंदीग्राम, पश्चिम मेदिनीपुर तथा 1 लाख का इनामी बुलु उर्फ गौरी, निवासी करमसोल, थाना सालबनी, पश्चिम मेदिनीपुर के रूप में हुई है
सुरक्षाबलों द्वारा जारी विवरण के अनुसार मुख्य आरोपियों की जानकारी नीचे दी गई है:
1. रामप्रसाद मार्डी उर्फ महादेव उर्फ सचिन (इनाम: 15 लाख रुपये)पद: रीजनल कमिटी सदस्य (भाकपा माओवादी)
दर्ज मामले: इनके खिलाफ कुल 44 आपराधिक मामले दर्ज हैं.
मुख्य घटनाएँ: रामप्रसाद मार्डी मार्च 2026 में मनोहरपुर के मारंगपोंगा जंगल में पुलिस मुठभेड़ और आईईडी ब्लास्ट में शामिल था, जिसमें कोबरा बटालियन के जवान और अधिकारी घायल हुए थे. इसके अलावा वह साल 2020, 2023 और 2024 में हुए कई अन्य नक्सली हमलों का भी मुख्य आरोपी है.
2. मीता उर्फ नयनतारा उर्फ झुम्पा (इनाम: 10 लाख रुपये)पद: जोनल कमिटी सदस्य (यह रामप्रसाद मार्डी की पत्नी है).
दर्ज मामले: इनके खिलाफ अलग-अलग थानों में 19 मामले दर्ज हैं.
मुख्य घटनाएँ: मीता वर्ष 2023 में टोन्टो थाना क्षेत्र के तुम्बाहाका जंगल में सुरक्षाबलों पर हुए हमले और ब्लास्ट में शामिल थी, जिसमें कोबरा टीम के 6 जवान घायल हुए थे. वह जराईकेला और घाटशिला क्षेत्रों में हुई कई हिंसक वारदातों में भी नामजद है.
3. गौरी उर्फ बुल्लू उर्फ जोबापद: सबजोनल कमिटी सदस्य
दर्ज मामले: इनके खिलाफ कुल 18 मामले दर्ज पाए गए हैं.
मुख्य घटनाएँ: गौरी अक्टूबर 2025 में जराईकेला के समठा वन क्षेत्र में हुए आईईडी विस्फोट में शामिल थी, जिसमें सीआरपीएफ के हेड कांस्टेबल महेंद्र लश्कर शहीद हो गए थे. इसके अलावा नवंबर 2025 में सारंडा जंगल में हुए ब्लास्ट में भी इसका हाथ था, जहाँ एक खोजी कुत्ता (ट्रेनड डॉग) शहीद हुआ था.
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