Johar Live Desk : भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गुरुवार को कमजोर रही। वैश्विक संकेतों और आईटी सेक्टर में बिकवाली के दबाव के चलते प्रमुख सूचकांक लाल निशान में खुले। शुरुआती कारोबार में निवेशक सतर्क नजर आए। सुबह 9:25 बजे तक बीएसई का सेंसेक्स 397 अंक यानी 0.47 प्रतिशत गिरकर 83,836 पर था। वहीं, एनएसई का निफ्टी 50 इंडेक्स 111 अंक यानी 0.43 प्रतिशत टूटकर 25,842 पर पहुंच गया। बाजार की शुरुआत से ही बिकवाली का दबाव बना रहा।
मिडकैप और स्मॉलकैप में ज्यादा कमजोरी
मुख्य सूचकांकों की तुलना में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में अधिक गिरावट देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.76 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.88 प्रतिशत नीचे रहे। यह संकेत है कि छोटे और मझोले शेयरों में निवेशकों ने ज्यादा मुनाफावसूली की।
आईटी सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित
सेक्टोरल इंडेक्स में अधिकांश सेक्टर लाल निशान में रहे। निफ्टी आईटी इंडेक्स में सबसे ज्यादा 3.58 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके अलावा रियल्टी सेक्टर 1.11 प्रतिशत और मीडिया सेक्टर 1.04 प्रतिशत नीचे रहे। वहीं, एफएमसीजी, निजी बैंक और ऑयल एंड गैस सेक्टर में हल्की मजबूती देखने को मिली, जिससे बाजार को आंशिक सहारा मिला।
वैश्विक संकेतों का असर
विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी रोजगार आंकड़ों ने भारतीय बाजार को प्रभावित किया है। अमेरिका में जनवरी में 1.3 लाख नई नौकरियां जुड़ीं और बेरोजगारी दर 4.3 प्रतिशत रह गई। मजबूत श्रम बाजार के संकेतों से अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा जल्द ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम हो गई है, जिससे आईटी शेयर दबाव में रहे।
एशियाई और अमेरिकी बाजार
एशियाई बाजार में मिला-जुला रुख रहा। चीन का शंघाई इंडेक्स 0.12 प्रतिशत और शेनझेन 0.81 प्रतिशत बढ़ा, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग 0.97 प्रतिशत गिरा। जापान का निक्केई 0.1 प्रतिशत बढ़ा और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2.74 प्रतिशत ऊपर रहा। अमेरिकी बाजार में भी कमजोरी रही; नैस्डैक 0.16 प्रतिशत और डॉव जोंस 0.13 प्रतिशत नीचे बंद हुए।
एफआईआई और डीआईआई गतिविधि
11 फरवरी को विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 944 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 125 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की।
विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों के अनुसार निफ्टी के लिए 25,800–25,850 का स्तर अहम समर्थन है, जबकि 26,050–26,100 का स्तर मजबूत प्रतिरोध माना जा रहा है। मध्यम अवधि में भारतीय बाजार की दिशा सकारात्मक रहने की संभावना है।
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