झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू को अंतिम विदाई देने के बाद भावुक पोस्ट लिखकर अपने दर्द को साझा किया. उन्होंने सोनू को बड़े भाई समान मित्र बताते हुए कहा कि मन यह मानने को तैयार नहीं है कि सोनू भैया अब उनके बीच नहीं हैं.
हेमंत सोरेन ने कहा कि शरीर तो अग्नि को सौंप दिया, लेकिन अपने बड़े भाई समान मित्र को अकेला कैसे छोड़ जाएं. अंतिम विदाई के उस क्षण में लगा जैसे समय ठहर गया हो. आंखों के सामने उनकी मुस्कुराती हुई छवि, उनका स्नेह और अपनापन बार-बार आता रहा.
बड़े भाई का स्नेह, मित्र का अपनापन
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ रिश्ते नाम के मोहताज नहीं होते. सोनू भैया उनके लिए ऐसा ही रिश्ता थे, जिसमें बड़े भाई का स्नेह और मित्र का अपनापन दोनों एक साथ था. उनसे जुड़ी यादें अंतिम विदाई के बाद उन्हें भीतर तक भावुक कर रही हैं.
उन्होंने कहा कि सोनू का शरीर पंचतत्व में विलीन हो गया, लेकिन उनका स्नेह, उनकी बातें, उनका संघर्ष और उनके साथ बिताया हर पल हमेशा जीवित रहेगा. हेमंत सोरेन ने भावुक होते हुए लिखा कि भैया, आपको विदा तो कर दिया, लेकिन दिल कैसे मान ले कि अब आप हमारे साथ नहीं हैं.
उन्होंने कहा कि सोनू की कमी हमेशा खलेगी और वह हमेशा उनके दिलों में रहेंगे.
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