Jamshedpur : हरियाणा के भिवाड़ी में निर्माणाधीन साइट पर मिट्टी धंसने से झारखंड के छह मजदूरों की मौत हो गई। केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री और रांची सांसद संजय सेठ तथा जमशेदपुर सांसद विद्युत वरण महतो ने संसद सत्र खत्म होते ही देर रात गुरुग्राम पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और हरियाणा प्रशासन के साथ उच्च स्तरीय बैठक की।
गुरुग्राम में हुई महत्वपूर्ण बैठक
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देश पर गुरुग्राम के पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में बैठक आयोजित की गई। इसमें रक्षा राज्य मंत्री, जमशेदपुर सांसद, जिलाधिकारी अजय कुमार, पुलिस आयुक्त विकास अरोड़ा, एसडीएम दर्शन यादव, सहायक श्रमायुक्त अनिल शर्मा और निर्माण कंपनी के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में हादसे पर संवेदना जताते हुए मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा और आश्रितों को रोजगार देने पर सहमति बनी।
40-40 लाख मुआवजा और रोजगार की गारंटी
बैठक के निर्णय के अनुसार, प्रत्येक मृतक के परिवार को कुल 40-40 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा। इसमें 20-20 लाख रुपये निर्माण कंपनी की ओर से और शेष 20-20 लाख रुपये अन्य सरकारी प्रक्रियाओं और प्रावधानों के तहत दिए जाएंगे। इसके साथ ही परिवारों के एक-एक आश्रित को कंपनी में रोजगार देने पर भी बातचीत हुई। निर्माण कंपनी ने यह भी सुनिश्चित किया कि सभी श्रमिकों के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव तक पहुंचाने की पूरी जिम्मेदारी कंपनी की होगी।
आज परिवारों के पास पहुंचेंगे शव
संजय सेठ ने गुरुग्राम के आयुक्त के माध्यम से पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां के उपायुक्तों से समन्वय कर शवों को लाने में कोई अड़चन न आए, यह सुनिश्चित किया। गुरुवार की सुबह सभी शवों को लेकर परिजन ईचागढ़ और जमशेदपुर के लिए रवाना होंगे। संजय सेठ ने कहा, “हम पीड़ित परिवारों के संपर्क में लगातार रहेंगे और हर संभव सहायता देंगे। संकट की इस घड़ी में परिवारों के साथ मजबूती से खड़े हैं।” उन्होंने इस त्वरित पहल के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री का भी आभार जताया।
हादसे में जान गंवाने वाले मजदूर
हादसे में जान गंवाने वाले मजदूर जादूगोड़ा, पोटका के निवासी धनंजय महतो (55), भागीरथ गोप (52), संजीत गोप उर्फ दुलाल (32) और मंगल महतो (30) थे, जबकि ईचागढ़ के निवासी शिवशंकर सिंह मुंडा (30) और परमेश्वर महतो (50) भी इस हादसे में अपनी जान गंवा बैठे।
सांसदों का संदेश
संजय सेठ ने कहा, “इस दुःखद हादसे में जिन परिवारों ने अपने परिजन खोए हैं, उसकी भरपाई तो नहीं हो सकती। लेकिन हम हर संभव सहायता पहुंचाने के लिए परिवारों के साथ हैं। बैठक में सभी पक्षों ने मृतकों के परिवारों को मुआवजा और रोजगार देने पर सहमति जताई।”
Also Read : बिहार की सियासत में गर्मी: 5वीं राज्यसभा सीट पर तेजस्वी-AIMIM की रणनीति


