Joharlive Desk : बिहार की राजनीति इन दिनों सिर्फ मौसम की ही नहीं, बल्कि राज्यसभा की पांचवीं सीट के लिए भी गर्म हो रही है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और एआईएमआईएम (AIMIM) के बीच बढ़ती नजदीकियां एनडीए के खेमे में हलचल पैदा कर रही हैं।
5वीं सीट का गणित
राज्यसभा की पांचवीं सीट जीतने के लिए उम्मीदवार को 41 वोटों की जरूरत है। फिलहाल महागठबंधन के पास 35 विधायक हैं। लेकिन उनकी उम्मीद है कि एआईएमआईएम के 5 और बसपा के 1 विधायक का समर्थन मिल जाने से उनका उम्मीदवार जीत सकता है।
तेजस्वी से AIMIM अध्यक्ष की मुलाकात
तेजस्वी यादव के बुलावे पर उनके आवास पहुंचे अख्तरुल ईमान ने बातचीत को सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि बिहार में सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ एकजुट होना जरूरी है और इस दिशा में बातचीत आगे बढ़ रही है। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व और असदुद्दीन ओवैसी के स्तर पर लिया जाएगा।
इफ्तार पार्टी से सियासी दोस्ती मजबूत
सियासी नजदीकियों को और पुख्ता करने के लिए तेजस्वी यादव 15 मार्च को अख्तरुल ईमान की इफ्तार पार्टी में शामिल होंगे। इसे ओवैसी की पार्टी को साधने की एक बड़ी कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
एनडीए की रणनीति पर सबकी नजर
एनडीए की ओर से भी रणनीति बनाने का दौर तेज हो गया है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास पर गुरुवार को होने वाली बैठक में सभी विधायकों को बुलाया गया है। माना जा रहा है कि इस बैठक में राज्यसभा की पांचवीं सीट को लेकर अंतिम रणनीति तय की जाएगी। इस बीच राजद और महागठबंधन के नेताओं ने अपने उम्मीदवार की जीत का भरोसा जताया है। राजनीतिक हलचल तेज होती जा रही है और 5वीं सीट की जंग बिहार की सियासत में नया मोड़ ला सकती है।
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