Jamshedpur : जमशेदपुर में सोमवार को स्कूल वैन और स्कूली ऑटो चालकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से शहर भर में अफरा-तफरी मच गई। हड़ताल के कारण हजारों बच्चे स्कूल नहीं पहुंच सके और उनके अभिभावकों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। करीब 2000 स्कूल वैन और ऑटो चालक हड़ताल के समर्थन में सड़कों पर उतर आए। इसके चलते सुबह के समय कई इलाकों में यातायात बाधित हुआ। मजबूरी में कई अभिभावक अपने बच्चों को बाइक, कार और अन्य निजी साधनों से स्कूल पहुंचाते दिखे।
हड़ताल टेल्को स्थित एलएफएस इंग्लिश स्कूल से जुड़े एक मामले को लेकर की जा रही है। स्कूल वैन चालक मन्नू पांडेय को पॉक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार कर 27 जनवरी को जेल भेज दिया गया था। चालक इस गिरफ्तारी के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। उनका आरोप है कि मन्नू पांडेय को साजिश के तहत फंसाया गया और उनके साथ अन्याय हुआ है। सुबह से ही बड़ी संख्या में चालक विभिन्न इलाकों में एकत्र होकर हड़ताल को सफल बनाने का दावा करते रहे। वहीं, अभिभावकों ने बताया कि बच्चों को स्कूल पहुंचाने में उन्हें अतिरिक्त समय, खर्च और मानसिक तनाव झेलना पड़ रहा है।
राधिका नगर की रहने वाली श्वेता सिंह ने कहा कि उनका आठ वर्षीय बेटा और छोटी बेटी मन्नू पांडेय के साथ ही स्कूल जाते थे। उन्होंने कहा, “मन्नू गलत इंसान नहीं हो सकते। हमारे बच्चे भी मन्नू अंकल की रिहाई के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।” श्वेता के साथ कई अन्य अभिभावक भी सड़क पर उतरकर मन्नू पांडेय की रिहाई की मांग कर रहे हैं। हड़ताल पर बैठे चालकों ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि पूरे मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में न्यायिक जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई जल्द सामने आ सके। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है, लेकिन हड़ताल समाप्त न होने से आम लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं।
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