Close Menu
Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Johar LIVEJohar LIVE
    • होम
    • JPSC / JSSC
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    • होम
    • JPSC / JSSC
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Home»झारखंड»सरना आदिवासी धर्म कोड का प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित, विपक्ष की मांग पर (/) चिन्ह हटा
    झारखंड

    सरना आदिवासी धर्म कोड का प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित, विपक्ष की मांग पर (/) चिन्ह हटा

    Team JoharBy Team JoharNovember 11, 2020No Comments2 Mins Read0
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link

    Joharlive Team

    रांची। 2021 के जनगणना प्रपत्र में सरना आदिवासियों के लिए अलग धर्म कोड के प्रस्ताव पर झारखंड विधानसभा ने विशेष सत्र में ध्वनिमत से मुहर लगा दी। इससे पहले सदन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड एक आदिवासी बहुल प्रदेश है और यहां की बड़ी आबादी सरना धर्म को मानती है। पिछले कई वर्षों से धार्मिक अस्तित्व की रक्षा के लिए जनगणना कोड में सरना धर्मावलंबियों को शामिल करने की मांग को लेकर संघर्ष हो रहा है। इधर समय के साथ आदिवासियों की जनसंख्या में लगातार कमी हो रही है।उन्होंने बताया कि 1931 से 2011 के बीच पिछले 8 दशकों में आदिवासी जनसंख्या का प्रतिशत 38.03 से घटकर 26.03 प्रतिशत हो गया है। 1871 से 1951 तक की जनगणना में आदिवासियों का अलग धर्म कोड था लेकिन साल 1962 के जनगणना प्रपत्र से इसे हटा दिया गया, जबकि 2011 की जनगणना में देश के 21 राज्य में रहने वाले लगभग 50 लाख आदिवासियों ने जनगणना प्रपत्र के अन्य कॉलम में सरना धर्म लिखा। लिहाजा, आदिवासी /सरना धर्म कोड का प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजा जाना चाहिए।

    भाजपा के वरिष्ठ नेता नीलकंठ सिंह मुंडा ने सीएम के प्रस्ताव पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा आदिवासियों के हित की बात करती रही है लेकिन प्रस्ताव में आदिवासी/सरना धर्म कोड में जो (/) डाला गया है, उससे कई तरह की शंका पैदा हो रही है। अगर इस निशान को हटा दिया जाता है तो भाजपा इस प्रस्ताव का समर्थन करेगी।उन्होंने 1961 में आदिवासियों का धर्म कोड जनसंख्या प्रपत्र से हटाए जाने पर पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की मंशा पर भी सवाल खड़े किए और कहा कि 2013 में भाजपा सांसद सुदर्शन भगत ने भी इस मामले को लोकसभा में उठाया था। इस पर कांग्रेस की तरफ से कहा गया था कि यह संभव नहीं है जबकि उस वक्त अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रामेश्वर उरांव थे। नीलकंठ सिंह मुंडा ने कहा कि पर इस मसले पर रामेश्वर उरांव ने कुछ नहीं किया. नीलकंठ सिंह मुंडा ने इस बात पर भी आपत्ति जताई कि देवड़ी मंदिर में पहन पूजा करते हैं लेकिन इस मंदिर का सरकार ने अधिग्रहण कर लिया है। इससे पहानो का हक मारा जा रहा है।

    Jharkhand news Latest news Online news
    Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on Instagram Follow on YouTube Follow on WhatsApp Follow on Telegram
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Previous Articleरांची में ट्रेन के आगे कूदकर युवक ने की आत्महत्या, परिवार में मातम
    Next Article रौशनी के पर्व दीपावली को मनायें अपने घरों में अपनों के साथः उपायुक्त

    Related Posts

    जोहार ब्रेकिंग

    JPSC परीक्षा रद्द: नौकरी गंवाने के बाद डिप्टी कलेक्टर सोनम कुमारी पहुंचीं हाईकोर्ट

    August 20, 2026
    JPSC / JSSC

    टीडीपीएल के यूपी ऑफिस को झारखंड सीआईडी ने किया सील, साल 2024-25 में 19.62 करोड़ रही है कंपनी की कमाई

    August 20, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    जेपीएससी-जेएसएससी विवाद में बाबूलाल की बड़ी मांग, कहा- सीआईडी नहीं, सीबीआई करे सभी परीक्षाओं की जांच

    August 19, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    झारखंड: रिम्स में डॉक्टरों की कमी दूर करने की तैयारी, साल के अंत तक सभी टीचिंग पद भरने का लक्ष्य

    August 19, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    आंदोलन खत्म, छात्रों के बदले सुर: हेमंत सोरेन को धन्यवाद, बोले- छात्र हित में लिया बड़ा फैसला

    August 19, 2026
    JPSC / JSSC

    Breaking : आंदोलन खत्म, 60 दिन में मांग पूरी नहीं होने पर करेंगे आंदोलन

    August 19, 2026
    Latest Posts

    JPSC परीक्षा रद्द: नौकरी गंवाने के बाद डिप्टी कलेक्टर सोनम कुमारी पहुंचीं हाईकोर्ट

    August 20, 2026

    क्या मुस्लिम बहुविवाह संविधान के खिलाफ? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब

    August 20, 2026

    कॉकपिट से सत्ता के गलियारों तक, राजीव गांधी की जिंदगी, जिसने भारत को 21वीं सदी का सपना दिखाया

    August 20, 2026

    टीडीपीएल के यूपी ऑफिस को झारखंड सीआईडी ने किया सील, साल 2024-25 में 19.62 करोड़ रही है कंपनी की कमाई

    August 20, 2026

    उद्योग के परिभाषा पर सुप्रीम फैसला आज, 48 साल पुराने कानून की बदलेगी तस्वीर?

    August 20, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    © 2026 Johar LIVE. | About Us | AdSense Policy | Privacy Policy | Terms and Conditions | Contact Us.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.