Patna : बिहार में हड़ताल पर गए राजस्व कर्मियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य में सस्पेंड किए गए कई राजस्व कर्मचारियों का निलंबन अब रद्द किया जा सकता है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग बिहार ने इस संबंध में सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश जारी किए हैं। विभाग की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि जिलों के कलेक्टर सस्पेंड किए गए राजस्व कर्मियों के निलंबन रद्द करने की प्रक्रिया जल्द पूरी करें। सूत्रों के मुताबिक करीब 200 कर्मचारियों का निलंबन वापस लिया जा सकता है।
11 फरवरी से 19 अप्रैल तक के मामले शामिल
निर्देश में यह भी कहा गया है कि
- 11 फरवरी से 19 अप्रैल के बीच जिन कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया था
- उनका निलंबन रद्द करने पर विचार किया जाए
नई सरकार के बाद बड़ा फैसला
नई सरकार बनने के बाद यह फैसला राजस्व कर्मियों के लिए राहत के तौर पर देखा जा रहा है। सरकार का कहना है कि प्रशासनिक कामकाज को सुचारु रूप से चलाना प्राथमिकता है।
हड़ताल से कामकाज हुआ था प्रभावित
राजस्व कर्मियों की हड़ताल के कारण कई अंचलों में काम प्रभावित हुआ था। इसमें जमीन से जुड़े काम और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाएं शामिल थीं।
विजय सिन्हा ने दी थी सख्त चेतावनी
तत्कालीन उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने हड़ताल पर गए कर्मियों को चेतावनी दी थी कि जनता की सेवाओं में बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा था कि राजस्व व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाना जरूरी है और लापरवाही पर सख्त कार्रवाई होगी।
क्यों लिया जा रहा है यह फैसला?
सूत्रों के अनुसार,
- कर्मचारियों की मांगों को ध्यान में रखा जा रहा है
- जनगणना और प्रशासनिक काम प्रभावित न हों
- लंबे समय से चल रही हड़ताल के असर को कम किया जाए
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
हड़ताल कर रहे राजस्व कर्मियों की मांगों में शामिल हैं:
- जमीन म्यूटेशन प्रक्रिया में सुधार
- ग्रेड पे में बढ़ोतरी
- गृह जिले में ट्रांसफर की सुविधा
- अन्य सेवा संबंधी सुधार
जल्द मिल सकती है अंतिम मंजूरी
विभागीय आदेश के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही निलंबन रद्द करने की अंतिम प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी, जिससे कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी।
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