Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट ने गुमला जिले से वर्ष 2018 में लापता हुई छह वर्षीय बच्ची के मामले में राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर सख्त रुख अपनाते हुए कड़ी फटकार लगाई है। जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान बेहद तल्ख लहजे में सवाल किया, यह कैसी जांच है? सात साल का लंबा समय बीत चुका है, लेकिन पुलिस अब भी खाली हाथ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सुनवाई के दौरान झारखंड की डीजीपी वर्चुअल माध्यम से अदालत में उपस्थित हुईं, जिन्हें कोर्ट ने पुलिस की लचर कार्यप्रणाली पर जमकर फटकार लगाई।
अदालत ने कहा कि बीते सात वर्षों में मामले के अनुसंधान में कोई भी सार्थक प्रगति नहीं हुई है, जो कि अत्यंत चिंताजनक है। खंडपीठ ने गुमला के पुलिस अधीक्षक से भी जांच की वर्तमान स्थिति पर जवाब तलब किया है और राज्य सरकार को दो सप्ताह का अंतिम समय दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अगले दो सप्ताह के भीतर इस मामले में कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आता है, तो हाईकोर्ट इस केस की जांच राज्य पुलिस से छीनकर सीबीआई को सौंपने पर विचार करेगा। फिलहाल, अब सबकी निगाहें सरकार और पुलिस प्रशासन द्वारा दिए जाने वाले जवाब पर टिकी हैं।
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