Ranchi : रांची के गेतलसूद डैम में 100 मेगावाट क्षमता वाला फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। पहले चरण में 50 मेगावाट का प्लांट 31 मार्च तक चालू हो जाएगा, जबकि दूसरे चरण का 50 मेगावाट का प्लांट 30 जून तक चालू होने की संभावना है। इस पूरे प्रोजेक्ट की लागत करीब 800 करोड़ रुपये बताई जा रही है। निर्माण का काम एलएंडटी कंपनी कर रही है। प्रोजेक्ट चालू होने के बाद राज्य में सौर ऊर्जा उत्पादन को काफी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
सिकिदिरी हाइडल प्लांट से फिर बिजली उत्पादन शुरू
सिकिदिरी हाइडल पावर प्लांट करीब एक साल बाद बिजली उत्पादन फिर से शुरू कर दिया है। बीआईटी मेसरा के प्रोफेसर पंकज मिश्रा और सौरभ की तकनीकी मदद से प्लांट की खराबी दूर की गई। अब यह प्लांट 55 मेगावाट लोड पर सफलतापूर्वक टेस्टिंग कर चुका है। गौरतलब है कि पिछले साल 6 मार्च को पेनस्टॉक का ट्रेस रैक टूट जाने के कारण प्लांट से बिजली उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया था। तकनीकी समस्या दूर होने के बाद अब बिजली उत्पादन शुरू होने से राज्य की बिजली व्यवस्था को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
अब बिजली आपूर्ति में बढ़त
दोनों प्रोजेक्ट के चालू होने से रांची और आसपास के इलाकों में बिजली की उपलब्धता बेहतर होगी। गेतलसूद डैम का फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट और सिकिदिरी हाइडल प्लांट बिजली उत्पादन को दोगुना करने में मदद करेंगे।
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