Patna : पटना और रांची में हड़कंप मच गया है, जब CNLU (Chanakya National Law University) के हॉस्टल में पढ़ाई कर रहे एक छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की शिनाख्त रांची के खलारी थाना क्षेत्र के रहने वाले मयंक राज के तौर पर की गई है। मयंक LLM के फाइनल ईयर में थे और हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहे थे। उनके पिता कोल माइंस में वरिष्ठ अधिकारी के पद पर कार्यरत बताए जा रहे हैं।
हॉस्टल में मिली बॉडी, अंदर से बंद था कमरा
मिली जानकारी के अनुसार यह घटना तब सामने आई जब मयंक के कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था और वह काफी देर तक बाहर नहीं आने पर कर्मचारियों को शक हुआ। उन्होंने दरवाजा खोला तो मयंक को खिड़की से लगे फंदे से लटका हुआ पाया। इमरजेंसी में उन्हें नीचे उतारा गया और तुरंत पटना के मेदांता अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान मयंक की मौत हो गई।
पुलिस टीम जांच में जुटी
घटना की जानकारी मिलते ही जक्कनपुर पुलिस स्टेशन की टीम एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) के साथ हॉस्टल पहुंची। पुलिस ने कमरे की गहन छानबीन की और मौके से एक पत्र, आईफोन, आईपैड, आईकार्ड और अन्य पहचान संबंधी दस्तावेज बरामद किए। सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज़ सुरक्षित रखे गए हैं ताकि जांच में उनका उपयोग किया जा सके। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मयंक की आखिरी गतिविधियां क्या थीं और क्या उनके जीवन में किसी तरह का दबाव या विवाद चल रहा था।
पत्र में प्रेम प्रसंग का जिक्र
प्राथमिक जांच में जो पत्र मिला है, उसमें कथित तौर पर प्रेम प्रसंग का जिक्र है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पत्र से संकेत मिलता है कि मयंक अपने रिश्ते को लेकर मानसिक रूप से परेशान थे। हालांकि, पुलिस ने अभी तक आधिकारिक तौर पर आत्महत्या की पुष्टि नहीं की है। पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है… कहीं कोई दबाव, ब्लैकमेलिंग या अन्य कारण तो नहीं, यह भी देख रही है।
परिजनों ने जताया संदेह, निष्पक्ष जांच की मांग
मयंक के परिजन तुरंत पटना पहुंचे। अस्पताल में मृतक की मां मधु ने पुलिस को बयान दिया। उन्होंने कहा कि उनका बेटा आत्महत्या नहीं कर सकता। उनका कहना है कि मयंक पढ़ाई में अच्छा था और भविष्य को लेकर गंभीर था। मधु ने किसी पर सीधे आरोप नहीं लगाया, लेकिन उन्होंने मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की।
पोस्टमार्टम और डिजिटल जांच पर होगी निर्भर
पुलिस ने मामले में यूडी (अप्राकृतिक मौत) केस दर्ज किया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों का पता चलेगा। साथ ही, मोबाइल और अन्य डिजिटल डिवाइस की फॉरेंसिक जांच भी की जाएगी, जिससे पता चलेगा कि मयंक ने घटना से पहले किसी से बातचीत की थी या कोई संदेश छोड़ा था या नहीं।
विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्र भी स्तब्ध
विश्वविद्यालय प्रशासन ने दुख जताया है और पुलिस जांच में पूरा सहयोग देने की बात कही है। हॉस्टल के अन्य छात्र भी इस घटना से स्तब्ध हैं। कई छात्रों ने बताया कि मयंक शांत स्वभाव के थे और अपनी पढ़ाई पर ध्यान देते थे। हालांकि, कुछ का कहना है कि वह पिछले कुछ समय से परेशान दिख रहे थे।
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