Ranchi : रांची के चुटिया थाना अंतर्गत आरएसएस कार्यालय में पेट्रोल बम से हमला मामले की जांच अब एटीएस कर रही है। सोमवार को एटीएस की टीम कार्यालय पहुंच कर घटनास्थल का जायजा लिया है। इस दौरान एटीएस की टीम ने कार्यालय में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की। वहीं, घटना की रात कार्यालय में मौजूद लोगों से एटीएस की टीम ने मामले को लेकर सवाल जवाब किए। घंटों तक एटीएस की टीम आरएसएस कार्यालय में रहकर आरोपियों के आने-जाने वाले मार्ग की जानकारी ली।
17 जून की रात हुआ था पेट्रोल बम हमला
मालूम हो कि 17 जून की रात कुछ अज्ञात लोगों ने आरएसएस कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंका था। घटना के बाद चुटिया थाना में मामला दर्ज किया गया था। घटना के बाद रांची एसएसपी राकेश राणा ने एसआईटी का गठन किया था। सिटी एसपी पारस राणा और ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी के नेतृत्व में टीम ने जांच शुरू की। पुलिस ने जांच के दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में लोहरदगा निवासी सैफ अंसारी, अमन अंसारी उर्फ गोलू और सायम सुजान शामिल हैं। इनमें मुख्य आरोपी सैफ अंसारी पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश के दौरान घायल हो गया था। पुलिस के अनुसार, सैफ अंसारी को कोतवाली थाना लाया गया था। उसने शौचालय जाने की इजाजत मांगी और वहां वेंटिलेशन की ग्रिल व शीशा तोड़कर फरार हो गया। घटना के बाद पूरे जिले में अलर्ट जारी किया गया। बाद में मांडर थाना क्षेत्र के चामा मोड़ के पास वाहन जांच के दौरान पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पुलिस का दावा है कि थाने ले जाने के दौरान सैफ ने एक पुलिसकर्मी का हथियार छीनकर भागने का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। घायल सैफ का इलाज अस्पताल में चल रहा है।
रांची के बाद लखनऊ में बड़ी घटना की योजना का दावा
पुलिस पूछताछ में अमन अंसारी ने यह भी बताया कि रांची में घटना को अंजाम देने के बाद लखनऊ में भी एक बड़ी वारदात करने की योजना थी। आरोपी ट्रेन के रास्ते लखनऊ जाने की तैयारी में थे, लेकिन कोडरमा के पास पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। पुलिस का कहना है कि समय रहते कार्रवाई कर एक बड़ी घटना को टाल दिया गया।
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