Ranchi : झारखंड के कुल 24 जिलों के पुलिस कप्तान इन दिनों अपनी मनमानी के लिए चर्चित हो रहे हैं. उनकी मनमानी से उनसे ऊपर के बॉस यानी पुलिस मुख्यालय के वरीय पदाधिकारी काफी नाराज चल रहे हैं. उन्हें लगता है कि ये एसपी उनकी भी नहीं सुन रहे हैं.
दरअसल मामला ये है कि 22 दिसंबर 2025 को केंद्रीय गृहमंत्रालय ने देश के सभी राज्यों से एक रिपोर्ट मांगी थी. जिसमें पूछा गया था कि अमुक राज्यों में भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों (नॉर्थ-ईस्ट) के लोगों के प्रति हिंसा, दुर्व्यवहार की कितनी घटनाएं हुई हैं और उन मामलों में क्या कार्रवाई की गई है. झारखंड पुलिस से भी केंद्र सरकार ने यह रिपोर्ट मांगी थी. राज्य पुलिस को छह जून को ही पूरी रिपोर्ट सौंप देने का आदेश दिया गया था.
इस संबंध में पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के एसपी को संबंधित मामलों की रिपोर्ट देने का आदेश जारी किया था. लेकिन पुलिस मुख्यालय के आदेश को दरकिनार करते हुए अब तक किसी जिला ने ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं सौंपी है. लापरवाही का आलम यह है कि इस संबंध में छह बार रिमाइंडर भेजे गए, तब भी किसी जिला मुख्यालय ने इस संबंध में कोई रिपोर्ट अब तक नहीं सौंपी है.
एसपी के इन ढीले-ढाले रवैये को देखते हुए मुख्यालय के वरीय पदाधिकारी काफी नाराज बताए जा रहे हैं. नाम न छापने की शर्त पर एक वरीय पदाधिकारी ने बताया कि जिलों के एसपी को यह समझना होगा कि मुख्यालय से आए सभी आदेशों का समय से पालन हर हाल में होना चाहिए. वरना उन्हें इसके संभावित नुकसान को झेलने के लिए तैयार रहना होगा.
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