जोहार लाइव ब्यूरो
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और रॉबर्ट वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा की फोटो प्रदर्शनी से तस्वीरें हटाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है. रेहान के पिता रॉबर्ट वाड्रा ने शुक्रवार यानि की आज बीकानेर हाउस प्रशासन के फैसले पर सवाल उठाते हुए इसे डराने की कोशिश करार दिया. उन्होंने कहा कि जब प्रदर्शनी का प्रस्ताव एक हफ्ते पहले ही जमा कर दिया गया था, तो तस्वीरों पर आपत्ति आखिरी वक्त में क्यों जताई गई. प्रशासन को पहले ही तस्वीरों की जांच कर लेनी चाहिए थी.
रॉबर्ट वाड्रा ने कहना है कि आपत्ति उस समय जताई गई, जब रेहान प्रदर्शनी लगाने की तैयारी कर चुके थे और मेहमानों को भी आमंत्रित किया जा चुका था. उन्होंने सवाल उठाया कि प्रशासन ने पहले तस्वीरों की जांच क्यों नहीं की. वाड्रा के मुताबिक, रेहान पिछले छह साल से बीकानेर हाउस में अपनी कला प्रदर्शित करते रहे हैं और इस बार भी तय प्रक्रिया के तहत प्रस्तावित तस्वीरों की पीडीएफ पहले ही जमा कर दी गई थी.
उन्होंने कहा, “उस समय कोई आपत्ति क्यों नहीं जताई गई? अब रात 9 बजे क्यों बता रहे हैं?” वाड्रा ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने अपनी जिम्मेदारी समय पर नहीं निभाई और आखिरी वक्त में उनके बेटे को प्रदर्शनी के कुछ हिस्से हटाने पड़े.
करीब 75 तस्वीरें हटाने को कहा गया
विवाद रेहान वाड्रा की एकल फोटो प्रदर्शनी ‘नो आइडिया इज फाइनल’ (No Idea Is Final) से जुड़ा है. इसमें दिल्ली में हाल के विरोध-प्रदर्शनों की कुछ तस्वीरें भी शामिल थीं. रेहान के मुताबिक, इनमें राष्ट्रीय ध्वज से जुड़ी तस्वीरें भी थीं. प्रदर्शनी से इन तस्वीरों को हटाने के लिए कहा गया.
रॉबर्ट वाड्रा ने दावा किया कि करीब 75 तस्वीरों को हटाने के लिए चिह्नित किया गया, जो प्रदर्शनी की लगभग दो-तिहाई तस्वीरें थीं. उन्होंने सवाल किया कि अगर कुछ तस्वीरों पर आपत्ति थी, तो प्रशासन को केवल उन्हीं तस्वीरों की पहचान कर कारण बताना चाहिए था. उनके अनुसार, तस्वीरों पर आपत्ति की स्पष्ट वजह भी नहीं बताई गई.
वाड्रा ने कहा कि उनके बेटे ने संबंधित तस्वीरों को प्रदर्शित न करने के बजाय उन्हें पलटकर रखने का विकल्प भी दिया था, लेकिन प्रशासन ने तस्वीरें हटाने को कहा. उन्होंने यह भी कहा कि परिवार को आयोजन स्थल की नीति में बताए गए विशिष्ट प्रतिबंधों की जानकारी नहीं थी. उनके मुताबिक, जब प्रस्ताव पहले ही जमा कर दिया गया था, तो इन बातों की जांच प्रदर्शनी लगाने से पहले होनी चाहिए थी.
रात 9 बजे तक जगह खाली करने को कहा
रॉबर्ट वाड्रा ने आयोजन स्थल खाली कराने के निर्देश पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि आमतौर पर बीकानेर हाउस रात 11 बजे तक उपलब्ध रहता है, लेकिन इस बार आयोजकों को रात 9 बजे तक जगह खाली करने को कहा गया. वाड्रा के मुताबिक, उन्हें चेतावनी दी गई कि अगर वे नहीं निकले, तो लाइट बंद कर दी जाएगी.
उन्होंने कहा कि इसके बाद आयोजकों को मेहमानों और रेहान के काम से जुड़े लोगों से वहां से जाने के लिए कहना पड़ा. वाड्रा ने इस पूरे घटनाक्रम को शर्मनाक बताते हुए कहा, “यह शर्मनाक है. यह डराने की कोशिश है.”
इस पुरे मामले पर बीकानेर हाउस मैनेजमेंट सोसाइटी ने गुरुवार को एक बयान जारी कर कहा कि रेहान वाड्रा की प्रदर्शनी की कुछ तस्वीरें सोसाइटी की नीति के अनुरूप नहीं थीं. इसलिए उन्हें हटाने का अनुरोध किया गया.
सोसाइटी के मुताबिक, बीकानेर हाउस जैसे सार्वजनिक सांस्कृतिक संस्थान में आयोजित प्रदर्शनियों को उसकी निर्धारित नीति का पालन करना होता है. बयान में कहा गया कि नीति के अनुरूप तस्वीरें प्रदर्शनी में बनी हुई हैं और उन्हें प्रदर्शित किया जा रहा है.
वहीं, रेहान ने कहा कि उन्हें दोपहर 3.30 बजे सूचित किया गया कि अगर शाम 5 बजे तक संबंधित तस्वीरें नहीं हटाई गईं, तो प्रदर्शनी रद्द कर दी जाएगी. उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शनी का विस्तृत प्रस्ताव और लेआउट प्रबंधन को काफी पहले दे दिया गया था. प्रदर्शनी का प्रीव्यू बुधवार को हुआ था और गुरुवार को इसे आम लोगों के लिए खोला गया.
प्रियंका गांधी ने भी उठाए सवाल
इस मामले में प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी बेटे का समर्थन किया है. उन्होंने प्रशासन के कदम को “बेतुका” बताते हुए आरोप लगाया कि इससे युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है.
प्रियंका ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, “आज वह है, कल कोई दूसरा कलाकार होगा.” बेटे के लिए लिखे संदेश में उन्होंने कहा कि रेहान सच्चाई के साथ खड़े हैं और खूबसूरत चीजों को अपना रास्ता मिल जाएगा. उन्होंने कहा कि उन्हें अपने बेटे पर गर्व है और हमेशा रहेगा.
रॉबर्ट वाड्रा ने भी कहा कि उन्हें अपने बेटे पर गर्व है और उन्हें भरोसा है कि रेहान अपनी तस्वीरों को प्रदर्शित करने के लिए कोई दूसरा स्थान ढूंढ़ लेंगे. उन्होंने कहा कि रेहान एक मजबूत इंसान हैं और दूसरी जगह पर अपना काम जरूर प्रदर्शित करेंगे.
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