सावरकर मानहानि मामले में मंगलवार को पुणे की स्पेशल MP/MLA कोर्ट में राहुल गांधी के वकील मिलिंद पवार ने शिकायतकर्ता सात्यकी सावरकर से जिरह (क्रॉस एक्जामिनेशन) की. सात्यकी ने अदालत में आरोप लगाया कि 5 मार्च 2023 को लंदन में दिए भाषण में राहुल गांधी ने विनायक दामोदर सावरकर को मुसलमानों का कट्टर विरोधी और मॉब लिंचर के तौर पर पेश कर उनकी छवि खराब की, जबकि सावरकर कभी मुसलमानों से नफरत नहीं करते थे. सात्यकी ने कहा कि सावरकर ने अपने लेखन में मुसलमानों की तरक्की के तरीके और उपाय बताए थे.
लंदन में राहुल गांधी ने सावरकर को लेकर क्या कहा था?
मामले की जड़ राहुल गांधी का 5 मार्च 2023 को लंदन में दिया गया भाषण है. शिकायत के मुताबिक, राहुल गांधी ने सावरकर की एक किताब का हवाला देते हुए कहा था कि सावरकर ने उसमें लिखा था कि वह और उनके 5-6 दोस्तों ने एक मुस्लिम व्यक्ति की पिटाई की थी और इस घटना से उन्हें खुशी हुई थी. इसी कथित बयान को लेकर सात्यकी ने आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी.
सात्यकी का कहना है कि सावरकर की किसी किताब में ऐसा प्रसंग नहीं है. पुलिस की 2024 की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में भी कहा गया था कि राहुल गांधी के भाषण में कही गई यह बात सावरकर की पुस्तकों में नहीं मिली. हालांकि, पुलिस की रिपोर्ट अदालत का अंतिम फैसला नहीं है.
अदालत में क्या हुआ?
राहुल गांधी के वकील ने जिरह के दौरान सात्यकी से पूछा कि उन्हें राहुल गांधी के भाषण में कौन-सी बात मानहानिकारक लगी. सात्यकी ने मुस्लिम व्यक्ति की पिटाई वाले कथित प्रसंग का हवाला देते हुए कहा कि इन शब्दों से सावरकर को मुसलमानों का कट्टर विरोधी और मॉब लिंचर के रूप में पेश किया गया.
सात्यकी ने अदालत में कहा कि सावरकर कभी मुसलमानों से नफरत नहीं करते थे और उनके लेखन में मुसलमानों की प्रगति के उपाय बताए गए थे. यह शिकायतकर्ता की गवाही है, इस दावे पर अदालत का अंतिम निष्कर्ष अभी नहीं आया है.
आरएसएस और गोडसे का मुद्दा भी उठा
मामले की मौजूदा जिरह (Cross Examination) में सावरकर के परिवार और आरएसएस से जुड़े सवाल भी उठे हैं. इससे पहले सात्यकी ने अदालत में स्वीकार किया था कि उनके नाना गोपाल गोडसे और नाथूराम गोडसे RSS के सक्रिय सदस्य थे. नाथूराम गोडसे ने 30 जनवरी 1948 को महात्मा गांधी की हत्या की थी.
बीते 1 सितंबर की सुनवाई में राहुल गांधी के वकील ने गोपाल गोडसे के वीडियो इंटरव्यू और उसके ट्रांसक्रिप्ट को भी अदालत के रिकॉर्ड पर लाने की अनुमति ली. इंटरव्यू में गोपाल गोडसे ने RSS और हिंदू महासभा के बीच राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता की बात कही थी. उन्होंने नाथूराम गोडसे के आरएसएस से जुड़े होने की बात भी कही, लेकिन साथ ही कहा था कि गांधी की हत्या आरएसएस के एजेंडे या कार्ययोजना का हिस्सा नहीं थी.
अंडमान की सावरकर प्रतिमा का भी जिक्र
जिरह के दौरान सात्यकी ने माना कि 12 दिसंबर 2025 को आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अंडमान में सावरकर की प्रतिमा का अनावरण किया था. उन्होंने कहा कि उनके परिवार को कार्यक्रम की जानकारी नहीं थी और प्रतिमा के अनावरण के लिए परिवार से अनुमति नहीं ली गई थी. सात्यकी ने यह भी कहा कि उन्हें नहीं पता कि आरएसएस सावरकर की विचारधारा को मानता है या नहीं.
केस कहां तक पहुंचा?
सात्यकी सावरकर ने 2023 में राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि की शिकायत दाखिल की थी. बाद में मामले में पुलिस जांच हुई और केस पुणे की स्पेशल MP/MLA कोर्ट में पहुंचा. सात्यकी की मुख्य गवाही दिसंबर 2025 में पूरी हुई थी और इसके बाद राहुल गांधी के वकील की ओर से उनकी जिरह शुरू हुई.
मामले में अभी सात्यकी की जिरह पूरी नहीं हुई है. अगली सुनवाई 3 सितंबर 2026 को होगी. अदालत ने अभी यह फैसला नहीं दिया है कि राहुल गांधी ने सावरकर की मानहानि की है या नहीं. अंतिम निर्णय ट्रायल पूरा होने के बाद होगा.
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