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    Home»जेपीएससी / जेएसएससी»जेपीएससी मामले में लीपापोती कर दोषियों को बचाने का प्रयास रही सरकार : रघुवर दास
    जेपीएससी / जेएसएससी

    जेपीएससी मामले में लीपापोती कर दोषियों को बचाने का प्रयास रही सरकार : रघुवर दास

    joharlive NetworkBy joharlive NetworkOctober 6, 2026No Comments3 Mins Read3
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    रांची. पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता रघुवर दास ने जेपीएससी से जुड़े मामलों की जांच को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जांच के नाम पर खानापूर्ति कर रही है और प्रभावशाली लोगों को बचाने के लिए जांच की दिशा सीमित की जा रही है.

    रघुवर दास ने कहा कि जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते और उनके पीए के खिलाफ सीआईडी जांच चल रही है और उनसे पूछताछ भी की जा रही है. वहीं, जेपीएससी की तत्कालीन सदस्य अजीता भट्टाचार्य, जमाल अहमद और अनिमा हांसदा के पीए पर इंटरव्यू मैनेज करने के लिए कथित तौर पर 15 लाख रुपये तक लेने की बात सामने आई है. उन्होंने सवाल उठाया कि जब इन मामलों की जांच हो रही है तो संबंधित सदस्यों से पूछताछ क्यों नहीं की जा रही है.

    उन्होंने कहा कि 11वीं से 13वीं जेपीएससी परीक्षा के दौरान ये सदस्य आयोग में रहे थे और इस अवधि में आयोग के अध्यक्ष भी बदले. ऐसे में संबंधित सदस्यों के बयान के बिना जांच पूरी कैसे मानी जा सकती है. दास ने यह भी कहा कि तत्कालीन अध्यक्ष नीलिमा केरकेट्टा और सदस्यों के बीच विवाद के कारण ही 11वीं से 13वीं जेपीएससी मुख्य परीक्षा का परिणाम जारी नहीं हो सका था.

    छात्रों से किए वादे पूरे नहीं हुए

    रघुवर दास ने आरोप लगाया कि सरकार ने छात्रों से झूठे वादे कर उनका आंदोलन समाप्त कराया, लेकिन उन वादों को पूरा करने के लिए अब तक ठोस कदम नहीं उठाए गए.

    उन्होंने कहा कि 17 अगस्त 2026 को मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग (समन्वय) के पत्र में जेपीएससी-जेएसएससी में अनियमितताओं और कदाचार से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन के संबंध में उच्च न्यायालय से अनुरोध करने की बात कही गई थी. इसके बावजूद अब तक इस दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई है.

    उन्होंने कहा कि सरकार ने जेपीएससी-जेएसएससी में परीक्षा सुधार के लिए व्यापक अध्ययन करने वाली समिति गठित करने की भी घोषणा की थी. समिति को दो महीने में रिपोर्ट देनी थी, लेकिन अब तक उसकी एक भी बैठक नहीं हुई है. उन्होंने सवाल उठाया कि जब निर्धारित अवधि समाप्त होने वाली है तो समिति की बैठक तक क्यों नहीं हुई.

    11वीं-13वीं जेपीएससी परीक्षा पर भी उठाए सवाल

    पूर्व मुख्यमंत्री ने 11वीं से 13वीं जेपीएससी परीक्षा में 40वीं रैंक हासिल करने वाले रवि कुमार का भी जिक्र किया. उनके अनुसार, दस्तावेजों में रवि कुमार के खिलाफ उत्तर प्रदेश और हरियाणा में एफआईआर दर्ज होने तथा उसे सॉल्वर गैंग का सरगना बताए जाने की बात सामने आई है. उन्होंने यह भी दावा किया कि उस पर इनाम घोषित होने और वर्तमान में अग्रिम जमानत पर होने की बात कही गई है.

    रघुवर दास ने हरियाणा के विक्की के 37वीं रैंक हासिल करने तथा रवि कुमार, दिनेश प्रजापति और विक्की के बीच कथित संबंधों का भी उल्लेख किया. उन्होंने सवाल किया कि इन आरोपों के बावजूद इन मामलों की सीआईडी जांच क्यों नहीं हो रही है.

    उन्होंने 14वीं जेपीएससी परीक्षा में उत्तर प्रदेश और हरियाणा के 418 विद्यार्थियों के सफल होने की मीडिया रिपोर्टों का भी हवाला दिया और कहा कि इस संबंध में भी अब तक कोई जांच नहीं की गई है. उन्होंने सरकार से सवाल किया कि आखिर वह किसे बचाना चाहती है.

    Also Read : जीजा, साला, ससुर और सिंडिकेट… JSSC-CGL पेपर लीक में निकला अनोखा कनेक्शन, आरोपी सफल अभ्यर्थी दीपक ने चयन के बाद दिए 19 लाख

    Bjp Ex CM Raghbar Das jharkhand JSSC CGL रघुबर दास
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