Pakur (Mitthu Yadav) : जिले में आने वाले ईद, सरहुल और रामनवमी जैसे त्योहारों को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। बुधवार को पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में हुई मासिक अपराध समीक्षा बैठक में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और शांति व्यवस्था बनाए रखने को लेकर कई अहम फैसले लिए गए।
संवेदनशील जगहों पर बढ़ेगी निगरानी
बैठक में एसपी ने साफ कहा कि त्योहारों के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए सभी थाना और ओपी प्रभारियों को संवेदनशील इलाकों में कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। सीसीटीवी कैमरों से निगरानी बढ़ाने और जुलूस के दौरान ड्रोन कैमरे के इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया।
जुलूस मार्ग की पहले होगी जांच
पुलिस ने निर्देश दिया है कि जुलूस निकलने से पहले पूरे मार्ग का भौतिक सत्यापन किया जाए। रास्ते में पड़ने वाले धार्मिक और संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने को कहा गया है। इसके अलावा लटके हुए बिजली के तार, टूटे खंभे और सड़क पर पड़े ईंट-पत्थर तुरंत हटाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
पेट्रोलिंग बढ़ाने पर जोर
एसपी ने कहा कि अपराध पर लगाम लगाने के लिए पेट्रोलिंग को और तेज किया जाए। पुलिस को दिए गए बोलेरो और मोटरसाइकिल का सही इस्तेमाल करते हुए चोरी, छिनतई और गृहभेदन जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सघन गश्त चलाने को कहा गया है।
अवैध खनन पर सख्ती
बैठक में अवैध कोयला, पत्थर और बालू के कारोबार पर भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके लिए जिला खनन टास्क फोर्स के साथ मिलकर लगातार छापेमारी अभियान चलाने को कहा गया है, ताकि अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।
अपराधियों पर कड़ी नजर
पिछले पांच वर्षों में संपत्ति से जुड़े अपराधों में शामिल अपराधियों की सूची को ‘दागी पंजी’ में दर्ज कर उनकी लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं POCSO और अन्य गंभीर मामलों के आरोपियों को गुंडा पंजी में शामिल करने पर भी जोर दिया गया है।
लंबित मामलों के जल्द निपटारे के निर्देश
बैठक में लंबित पासपोर्ट, चरित्र सत्यापन और अन्य परिवादों को समय पर निपटाने के निर्देश दिए गए। पुलिस अधिकारियों को साफ कहा गया कि किसी भी मामले में देरी नहीं होनी चाहिए।
चुनाव को लेकर भी सतर्कता
आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को देखते हुए सीमावर्ती इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने और सघन जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशिक्षण और सम्मान भी हुआ
बैठक के दौरान पुलिस अधिकारियों को एससी/एसटी एक्ट से जुड़े मामलों पर प्रशिक्षण दिया गया। इसके बाद एक परीक्षा भी आयोजित हुई, जिसमें बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को सम्मानित किया गया।


