Bokaro : स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) में नए चेयरमैन सह प्रबंध निदेशक के चयन की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। इस अहम पद के लिए 10 दावेदारों का ऑनलाइन इंटरव्यू 28 मार्च 2026 को सुबह 9 बजे से 11 बजे तक होगा। खास बात यह है कि इंटरव्यू के कुछ ही घंटों के भीतर नतीजे घोषित किए जाने की तैयारी है।
28 मार्च को होगा ऑनलाइन इंटरव्यू
सेल के शीर्ष पद के लिए 10 उम्मीदवारों का ऑनलाइन साक्षात्कार तय किया गया है। यह प्रक्रिया सुबह 9 बजे शुरू होकर 11 बजे तक चलेगी। इसके बाद पब्लिक एंटरप्राइजेज सेलेक्शन कमेटी (PESB) द्वारा चयनित नाम को आगे की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
कुछ घंटों में आ सकता है फैसला
सूत्रों के मुताबिक इंटरव्यू खत्म होने के बाद बहुत कम समय में ही परिणाम घोषित कर दिया जाएगा। इसके बाद चयनित नाम को कैबिनेट कमेटी के पास भेजा जाएगा। वहां से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद नए चेयरमैन पदभार संभालेंगे।
छह उम्मीदवार सेल के अंदर से, चार बाहर से
इस बार कुल 10 दावेदार मैदान में हैं, जिनमें से 6 उम्मीदवार सेल के अलग-अलग यूनिट से हैं, जबकि 4 बाहरी संगठनों और रेलवे पृष्ठभूमि से जुड़े हुए हैं। रेलवे से जुड़े अधिकारियों की मौजूदगी ने इस बार की रेस को और दिलचस्प बना दिया है।
प्रमुख दावेदारों में बड़े नाम शामिल
दावेदारों की सूची में कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। इनमें सेल के निदेशक (वित्त) एके पांडा, निदेशक (माइनिंग) मनीष राज गुप्ता, राउरकेला इस्पात संयंत्र के निदेशक प्रभारी आलोक वर्मा, बोकारो इस्पात संयंत्र के ईडी (प्रोजेक्ट) अनीश दासगुप्ता और सेल माइंस ग्रुप के एमपी सिंह व विपिन कुमार गिरी शामिल हैं। इसके अलावा राइट्स लिमिटेड के निदेशक (वित्त) कृष्ण गोपाल अग्रवाल और रेलवे से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी अनूप कुमार सतपति और डॉ. पुड़ी हरिप्रसाद भी मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं।
बड़े अनुभव वाले अधिकारी भी रेस में
भारत सरकार के अतिरिक्त सचिव सह वित्तीय सलाहकार चेतन प्रकाश जैन, जो वर्तमान में सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के सीएमडी हैं, भी इस दौड़ में शामिल हैं। अलग-अलग क्षेत्रों के अनुभव वाले उम्मीदवारों की मौजूदगी ने चयन प्रक्रिया को और प्रतिस्पर्धी बना दिया है।
सेल के सामने बड़ी जिम्मेदारी
नए चेयरमैन के सामने सबसे बड़ी चुनौती सेल की चल रही बड़े पैमाने की विस्तार और आधुनिकीकरण परियोजनाओं को समय पर पूरा करना होगा। करीब एक लाख करोड़ रुपये के निवेश वाले इन प्रोजेक्ट्स से उत्पादन क्षमता बढ़ाने और कंपनी को और मजबूत बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
कार्यवाहक व्यवस्था की तैयारी
पुराने चेयरमैन अमरेंदु प्रकाश के इस्तीफे के बाद पद खाली हुआ है। ऐसे में इस्पात मंत्रालय अंतरिम व्यवस्था के तहत कार्यवाहक चेयरमैन की नियुक्ति पर भी विचार कर रहा है, ताकि कामकाज प्रभावित न हो।
पांच साल का होगा कार्यकाल
नए चेयरमैन का कार्यकाल पांच साल के लिए तय किया जाएगा। सरकार की नजर इस बात पर है कि ऐसा नेतृत्व चुना जाए जो बड़े प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा कर सके और सेल को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे ले जा सके।

