Ranchi : कोल्हान क्षेत्र और टाटा-रांची नेशनल हाईवे (NH-33) पर पेट्रोल-डीजल की भारी किल्लत देखने को मिल रही है। ईंधन आपूर्ति बाधित होने से कई पेट्रोल पंप बंद हो गए हैं, जबकि खुले पंपों पर सीमित मात्रा में तेल दिया जा रहा है। जमशेदपुर के प्रमुख इलाकों में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं और लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सप्लाई चेन टूटने से बढ़ा संकट
कोल्हान पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के अनुसार, इस संकट के पीछे मुख्य कारण तेल कंपनियों की नई नीति और लॉजिस्टिक समस्याएं हैं। अब कंपनियों ने उधारी व्यवस्था खत्म कर “पे-फर्स्ट” यानी पहले भुगतान की शर्त लागू कर दी है। इससे छोटे पंप संचालकों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। साथ ही टैंकरों की कमी और सप्लाई में रुकावट के कारण जहां पहले रोजाना तेल पहुंचता था, अब कई जगह हफ्ते में एक बार ही सप्लाई हो रही है।
शहर और हाईवे पर अफरा-तफरी
जमशेदपुर में रोजाना करीब 3 लाख लीटर पेट्रोल और इतनी ही मात्रा में डीजल की खपत होती है। आपूर्ति बाधित होने से हालात गंभीर हो गए हैं।
- कई पंपों पर 500 रुपये तक ही पेट्रोल दिया जा रहा है
- बिष्टुपुर, मानगो और गोलमुरी में लंबी कतारें लग रही हैं
- ट्रक चालकों को डीजल के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है
इसका असर माल ढुलाई और परिवहन व्यवस्था पर भी पड़ने लगा है।
जादूगोड़ा में सबसे ज्यादा संकट
जादूगोड़ा में स्थिति और भी खराब है। यहां लगातार दूसरे दिन कई पेट्रोल पंप बंद रहे। एकमात्र खुले इंडियन ऑयल के पंप पर प्रति ग्राहक केवल 50 रुपये का पेट्रोल दिया जा रहा है, ताकि ज्यादा लोगों को थोड़ा-थोड़ा ईंधन मिल सके।
कुछ पंपों पर स्थिति थोड़ी बेहतर
जिन बड़े पंपों के पास अपने टैंकर हैं या जो अन्य तेल कंपनियों से जुड़े हैं, वहां स्थिति थोड़ी बेहतर बताई जा रही है। लेकिन छोटे पंप संचालक सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
3-4 दिन में सुधार की उम्मीद
विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे ही टैंकरों की संख्या बढ़ेगी और भुगतान से जुड़ी समस्याएं सुलझेंगी, स्थिति सामान्य हो सकती है। अनुमान है कि अगले 3 से 4 दिनों में सप्लाई धीरे-धीरे पटरी पर लौट सकती है।
CNG से मिल रही आंशिक राहत
इस बीच राहत की बात यह है कि स्थानीय स्तर पर सीएनजी की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। इससे कुछ वाहन मालिकों को थोड़ी राहत मिल रही है।
कोल्हान क्षेत्र में ईंधन संकट ने आम लोगों से लेकर ट्रांसपोर्ट सेक्टर तक को प्रभावित किया है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो इसका असर और व्यापक हो सकता है। फिलहाल लोग जल्द राहत मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
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