Patna : बिहार के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को 31 साल पुराने कई मामलों में जमानत मिलने के बाद बेउर केंद्रीय जेल से रिहा कर दिया गया है। जमानत जीतने के बाद जेल से बाहर निकलते ही उन्होंने अपने खिलाफ रची गई साजिश का आरोप विपक्षियों और पुलिस अधिकारियों पर लगाते हुए सख्त बयान दिए।
कोर्ट ने दी बड़ी राहत, समर्थकों में खुशी
पप्पू यादव को पटना की MP‑MLA कोर्ट ने तीनों मामलों में जमानत दे दी है, जिससे जेल से रिहाई का रास्ता साफ हो गया। इस फैसले के बाद उनके समर्थकों में खुशी की लहर है और राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ गई है। यादव दशकों पुराने आपराधिक मामलों में जेल में थे, जिन्हें लेकर विवाद भी चर्चा का विषय बने रहे हैं।
बाहर आते ही विपक्षियों पर निशाना
जेल की सलाखों से आज़ाद होते ही पप्पू यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनके खिलाफ जानलेवा साजिश रची गई थी। उन्होंने पटना SSP, दिल्ली के कुछ नेताओं और स्थानीय नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए और इसे “सच बोलने की भारी कीमत” बताया। यादव का दावा है कि उन्हें उस समय गिरफ्तार किया गया जब वे विवादित मामलों में आवाज उठा रहे थे।
आगे भी लड़ाई जारी रखने का ऐलान
जेल से बाहर आते ही पप्पू यादव ने साफ कर दिया है कि वे नीट छात्रा मौत मामले और अन्य मुद्दों पर अपने संघर्ष को जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका ने सही फैसला दिया और यह न्याय की जीत है। समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए यादव ने कहा कि वे राजनीति से पीछे नहीं हटेंगे।
राजनीति में फिर तेजी
उनकी रिहाई से बिहार की राजनीति में नए भूचाल की संभावना जताई जा रही है। पप्पू यादव लंबे समय से विवादित मामलों और राजनैतिक बयानबाज़ी की वजह से सुर्खियों में रहे हैं, और उनकी रिहाई से विरोधियों तथा समर्थकों दोनों में प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
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