Close Menu
Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Johar LIVEJohar LIVE
    • होम
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    • होम
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Home»जोहार ब्रेकिंग»सरकारी स्कूलों में किसी बच्चे को हिंदू प्रार्थना पढ़ने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
    जोहार ब्रेकिंग

    सरकारी स्कूलों में किसी बच्चे को हिंदू प्रार्थना पढ़ने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

    joharlive NetworkBy joharlive NetworkJuly 2, 2026No Comments3 Mins Read1
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link
    हिंदू
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link

    जोहार लाइव : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि राज्य के किसी भी सरकारी स्कूल में किसी बच्चे को हिंदू प्रार्थनाओं का पाठ करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता. यह टिप्पणी जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की एकल पीठ ने उस जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान की, जिसमें राज्य सरकार के 12 जून के उस परिपत्र को चुनौती दी गई थी, जिसमें स्कूलों में सरस्वती वंदना, गायत्री मंत्र, गुरु मंत्र और अन्य हिंदू प्रार्थनाओं के पाठ का निर्देश दिया गया था.

    सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि जून की शुरुआत में यह परिपत्र जारी किया गया था, लेकिन अभी तक इसे लागू नहीं किया गया है. सरकार के इस बयान को रिकॉर्ड पर लेते हुए हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया. हालांकि अदालत ने याचिकाकर्ताओं को यह स्वतंत्रता दी कि यदि भविष्य में किसी भी बच्चे को इन प्रार्थनाओं के पाठ के लिए मजबूर किया जाता है, तो वे दोबारा अदालत का रुख कर सकते हैं.

    अदालत ने यह भी कहा कि यदि इस तरह की किसी जबरदस्ती की शिकायत उसके संज्ञान में आती है, तो उचित कार्रवाई की जाएगी. यह याचिका पूर्व छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड अध्यक्ष अब्दुल सलाम रिजवी, पूर्व अल्पसंख्यक विभाग अध्यक्ष महेंद्र छाबड़ा और बिलासपुर के सामाजिक कार्यकर्ता शफीक अहमद ने दायर की थी. उन्होंने स्कूल शिक्षा विभाग के परिपत्र की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी थी.

    राष्ट्रीय गीत, सरस्वती वंदना पढ़ने का था निर्देश

    राज्य सरकार के परिपत्र में सभी सरकारी स्कूलों में राष्ट्रगान, राष्ट्रीय गीत, दीप मंत्र, सरस्वती वंदना और गुरु मंत्र का पाठ कराने का निर्देश दिया गया था. इसके अलावा महान व्यक्तित्वों की जीवनियां पढ़ने, मध्याह्न भोजन से पहले भोजन मंत्र तथा विद्यालय की छुट्टी से पहले गायत्री मंत्र और शांति मंत्र का पाठ भी अनिवार्य करने की बात कही गई थी.

    याचिकाकर्ताओं का कहना था कि यह परिपत्र संविधान में निहित धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत और नागरिकों को प्राप्त मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है. याचिका में कहा गया कि सरकारी स्कूलों में सरस्वती वंदना, गायत्री मंत्र, गुरु मंत्र और शांति मंत्र को अनिवार्य करना धार्मिक शिक्षा देने और एक विशेष धर्म को बढ़ावा देने के समान है. इसलिए यह आदेश असंवैधानिक है.

    याचिकाकर्ताओं ने यह भी दलील दी कि परिपत्र में उन छात्रों के लिए कोई छूट या वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है, जो धार्मिक गतिविधियों में भाग नहीं लेना चाहते. इससे उनकी अंतरात्मा की स्वतंत्रता और धार्मिक स्वतंत्रता प्रभावित होती है.

    याचिका में यह भी कहा गया कि राज्य का दायित्व सभी धर्मों के प्रति समान और तटस्थ रहने का है, लेकिन एक धर्म से जुड़े मंत्रों और प्रार्थनाओं को अनिवार्य कर अन्य धर्मों की उपेक्षा करना धार्मिक आधार पर अनुचित भेदभाव है. याचिकाकर्ताओं के अनुसार, सरकारी वित्तपोषित शिक्षण संस्थानों में किसी एक धर्म की धार्मिक परंपराओं को संस्थागत रूप देना संविधान की धर्मनिरपेक्ष भावना के विपरीत है.

    Also Read : सीएम हेमंत सोरेन ने खुद भरा SIR फॉर्म, लोगों से की यह अपील

    No child can be forced to recite Hindu prayers in government schools: Chhattisgarh High Court. सरकारी स्कूलों में किसी बच्चे को हिंदू प्रार्थना पढ़ने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
    Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on Instagram Follow on YouTube Follow on WhatsApp Follow on Telegram
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Previous Articleसीएम हेमंत सोरेन ने खुद भरा SIR फॉर्म, लोगों से की यह अपील
    Next Article मोदी मंत्रिमंडल में शामिल होने की खबरों के बीच नीतीश को क्या याद दिला रहे हैं शिवानंद तिवारी?

    Related Posts

    जोहार ब्रेकिंग

    ‘छात्रों से मिलिए, उनकी मांगों का समाधान कीजिए’ , छात्र आंदोलन पर राहुल गांधी की हेमंत सोरेन को चिट्ठी

    August 17, 2026
    ट्रेंडिंग

    उज्जैन के नागचंद्रेश्वर मंदिर के बाहर अफरा-तफरी, 13 श्रद्धालु घायल, एक की हालत गंभीर

    August 17, 2026
    क्राइम

    जोहार लाइव एक्सक्लूसिवः जेएसएससी-पीजीटीई के लिए इन परीक्षा केंद्रों पर हुआ था सिस्टम हैक, पहले से तय थे अभ्यर्थियों के कपड़ों का रंग

    August 17, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    पश्चिम बंगाल: तारापीठ के होटल में भीषण आग, 5 से अधिक तीर्थयात्रियों की मौत; कई गंभीर

    August 17, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर सियासत कर रही भाजपा, झारखंड की खनिज संपदा पर नजर बर्दाश्त नहीं: विनोद पांडेय

    August 16, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    JPSC-JSSC आंदोलन: दो दौर की बातचीत बेनतीजा, अब 17 अगस्त को फिर वार्ता

    August 16, 2026
    Latest Posts

    97 करोड़ की बिजली राशि घोटाले में कोर्ट का बड़ा आदेश, JUUNL को वापस मिलेंगे 13.53 करोड़ रुपये

    August 17, 2026

    ‘छात्रों से मिलिए, उनकी मांगों का समाधान कीजिए’ , छात्र आंदोलन पर राहुल गांधी की हेमंत सोरेन को चिट्ठी

    August 17, 2026

    उज्जैन के नागचंद्रेश्वर मंदिर के बाहर अफरा-तफरी, 13 श्रद्धालु घायल, एक की हालत गंभीर

    August 17, 2026

    बिहार : लखीसराय के अशोकधाम मंदिर में भगदड़, 7 महिलाओं की मौत; CM सम्राट ने 4 लाख मुआवजे का किया ऐलान

    August 17, 2026

    जोहार लाइव एक्सक्लूसिवः जेएसएससी-पीजीटीई के लिए इन परीक्षा केंद्रों पर हुआ था सिस्टम हैक, पहले से तय थे अभ्यर्थियों के कपड़ों का रंग

    August 17, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    © 2026 Johar LIVE. | About Us | AdSense Policy | Privacy Policy | Terms and Conditions | Contact Us.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.